आलापुर (अंबेडकरनगर)। माह भर चलने वाले ऐतिहासिक गोविंद साहब मेले की औपचारिक शुरुआत गुरुवार को हवन-पूजन के साथ हुई। अब तीन दिसंबर की रात गोविंद दशमी स्नान के साथ मेले की विधिवत शुरुआत होगी। इस दिन मेले में हजारों श्रद्धालु उमड़ेंगे।
महात्मा गोविंद साहब की तपोस्थली अहिरौली गोविंद साहब में यह मेला जनवरी में पड़ने वाले मकर संक्रांति स्नान तक चलेगा। मुख्य अतिथि संतकबीरनगर सांसद प्रवीण निषाद ने कहा कि मेला न सिर्फ पूर्वांचल की पहचान है बल्कि व्यापार की दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण है।
गोविंदसाहब मठ पर न सिर्फ हजारों श्रद्धालु माथा टेकते हैं बल्कि बेहतर कारोबार से हजारों व्यापारियों का जीविकोपार्जन भी होता है। कई मायनों में गोविंद साहब धाम विशेष है।
एमएलसी डॉ. हरिओम पांडेय ने गोविंद साहब के माहात्म्य पर विस्तार से प्रकाश डाला। कहा कि इस मठ से न सिर्फ लाखों श्रद्घालुओं की आस्था जुड़ी है बल्कि बाबा का मठ हजारों परिवारों के जीविकोपार्जन का माध्यम भी है। यहां पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास जारी रहेगा।
जिला पंचायत अध्यक्ष साधू वर्मा ने कहा कि मेलार्थियों व व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। उन्हें किसी तरह की मुश्किल नहीं होने पाएगी। भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मिथिलेश त्रिपाठी ने कहा कि माह भर चलने वाला यह मेला पूरे पूर्वांचल की पहचान है।
अतिथियों ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन व बाबा के मठ पर माथा टेककर मेले की औपचारिक शुरुआत की। इसके बाद शहीद रामनाथ यादव की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। मेले में अब तीन दिसंबर की रात से गोविंद दशमी स्नान होगा। चार दिसंबर को पूरे दिन श्रद्धालु बड़ी तादाद में जुटेंगे।
स्नान व पूजन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इस मौके पर एसडीएम बाबूराम, पूर्व विधायक अनीता कमल, जिला पंचायत सदस्य अश्विनी कुमार यादव, सपा नेता धर्मेंद्र यादव, एसओ अभय कुमार मौर्य व मेला प्रभारी तहसीलदार सुनील कुमार आदि मौजूद रहे।
मेले में खजला की दुकानें बड़े पैमाने पर सजी हैं। पश्चिम बंगाल सहित बिहार व झारखंड आदि प्रांतों से भी कई तरह की दुकानें यहां पहुंची हैं। बच्चों के मनोरंजन के लिए कई झूले, सर्कस व अन्य तरह के प्रतिष्ठान लगे हैं। कपड़ा, फर्नीचर, शृंगार सहित अन्य तरह की दुकानें सज चुकी हैं। मेलार्थियों को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए दुकानदारों ने आवश्यक प्रबंध किए हैं।