अंबेडकरनगर। कृषि कानूनों के विरोध समेत किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन कार्यकर्ता मंगलवार को भी धरने पर डटे रहे। इस दौरान पदाधिकारियों ने कहा कि उनका संगठन किसानों को अधिकार दिलाने के लिए लगातार संघर्ष करता चला आ रहा है। आगे भी उनके हक की आवाज बुलंद करता रहेगा। कृषि कानूनों को सरकार को बगैर शर्त वापस लेना चाहिए। किसानों को यह कानून कतई स्वीकार नहीं है। चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया और समस्याओं का निस्तारण नहीं किया गया तो महापंचायत की जाएगी।
इस दौरान जिलाध्यक्ष पवन कुमार सिंह ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक लगातार किसानों के हक की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ती आ रही है। अब जबकि कृषि कानून जैसे काले कानून को लेकर किसान मुश्किलों में हैं, तो ऐसे में संगठन इसे लेकर आंदोलनरत है। इस कृषि कानून से किसान पूरी तरह बंधुआ मजदूर बन जाएगा। खेतों में कड़ी मेहनत कर किसान फसल तैयार करेंगे, लेकिन उनकी उपज के मूल्य का निर्धारण पूंजीपतियों की ओर से किया जाएगा। इस कानून से न सिर्फ किसानों को नुकसान है, बल्कि आम नागरिकों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में किसानों के हित को देखते हुए कृषि कानूनों को जल्द से जल्द वापस लिया।
वक्ताओं ने कहा कि किसान खाद, बीज व सिंचाई के लिए परेशान हैं। नहरों व माइनरों में पानी न होने से किसान निजी नलकूप का सहारा ले रहे हैं। खेतों मेें खड़ी फसल को छुट्टा जानवर बर्बाद कर रहे हैं। चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों का निस्तारण नहीं किया गया तो महा पंचायत की जाएगी। इस मौके पर राधेश्याम, रामपलट, मंगतराम, शतींद्र, अंकुर आदि मौजूद रहे।