हर साल मई से नवंबर तक बाल स्वास्थ्य पोषण माह का आयोजन होता है। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्र के लोगं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए बड़ी संख्या में पुस्तकें जिले को उपलब्ध कराई जाती हैं। इन्हें ग्रामीण क्षेत्रों मेआशाओं व एएनएम के माध्यम से निशुल्क वितरण किया जाता है।
इसमें महिलाओं के टीकाकरण सहित बच्चों के स्वास्थ्य के लिए चलाई जा रही योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी होती है। इन पुस्तकों के माध्यम से न सिर्फ ग्रामीणों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाई जा रहीं योजनाओं की जानकारी दी जाती है, वरन शरीर को विभिन्न रोगों से बचाने के उपाय की भी जानकारी मिलती है।
इन पुस्तकों के वितरण को लेकर विभागीय अधिकारी व कर्मचारी तनिक भी गंभीर नहीं हैं। मई 2014 को आई सभी पुस्तकों का वितरण अब तक ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं किया जा सका है। पुस्तकों के वितरण को लेकर लापरवाही बरतने वाले अधिकारी व कर्मचारी ने अपनी कमियों को छिपाने के लिए शनिवार को सीएमओ कार्यालय परिसर में पुस्तकों को आग के हवाले कर दिया।
रविवार को जब अमर उजाला प्रतिनिधि उधर से गुजरा तो परिसर में पुस्तकों की राख के बीच कुछ पुस्तकों के अवशेष मिले। उन्हें पलटकर देखा गया तो वह बाल स्वास्थ्य पोषण माह से जुड़ी पुस्तकें निकलीं। उल्लेखनीय है कि मौजूदा समय में भी बाल स्वास्थ्य पोषण माह अभियान चल रहा है।
बीते दिनों ही जिले में इसका जोर शोर से शुभारंभ किया गया। बीते वर्ष आई इस योजना से जुड़ी इन पुस्तकों को लेकर विभाग का चिंताजनक रवैया अभियान के दौरान ही सामने आया है। उधर सीएमओ मेजर डा बीपी सिंह ने इस जानकारी से इंकार किया। कहा कि वे दिखवाएंगे कि ऐसा किन परिस्थितयों में हुआ है।