अंबेडकरनगर में शनिवार को धूप निकलने के बाद स्कूल जाते बच्चे।
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तीन दिन बाद शनिवार को घने कोहरे से निजात तो मिल गई लेकिन गलन भरी ठंड से लोग ठिठुरते रहे। बच्चे भी कांपते हुए स्कूल गए। धूप निकलने के बाद ही आम जन-जीवन सामान्य हो सका। कोहरा छंटने से किसानों के चेहरे पर भी राहत का भाव दिखा। दरअसल कोहरे के चलते दलहनी व तिलहनी फसलों की खेती करने वाले किसानों की चिंता बढ़ गई थी।
शनिवार की सुबह लोगों को गलनभरी ठंड का सामना जरूर करना पड़ा लेकिन घने कोहरे से निजात मिल गई। सुबह-सुबह बच्चे भी ठिठुरते हुए स्कूल गए। शुक्रवार सुबह भी कोहरा कुछ कम था लेकिन शनिवार को असर और कम रहा। इससे आम जनता के साथ ही किसानों ने भी राहत की सांस ली।
दरअसल कई दिनों से लगातार पड़ रहे कोहरे के चलते लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। कोहरेे के चलते दलहनी व तिलहनी फसलों की खेती करने वाले किसानों की चिंता बढ़ गई थी। उनका कहना था कि यदि कोहरा लंबे समय तक पड़ता रहा तो फसलों में माहू समेत कई अन्य तरह के रोग लगना शुरू हो जाएंगे।
इस बीच शनिवार को कोहरा छंटा दिखा तो किसानों ने चैन की सांस ली। पछुआ हवा का असर ठंड पर जरूर दिखा। कोहरा न होने से आवागमन में कोई खास दिक्कत लोगों को नहीं हुई। दोपहर बाद धूप निकलने से लोगों को ठंड से भी निजात मिली। इससे आम दिनचर्या पटरी पर लौट आई।