अंबेडकरनगर। धनतेरस पर इस बार लगभग 70 करोड़ की धनवर्षा बाजारों में हुई। दो दिन पर्व मनाए जाने के चलते व्यापार पर असर देखने को मिला। फिर भी शनिवार को ग्राहक शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के बाजारों में उमड़ पड़े। शनिवार का दिन होने के चलते वाहनों तथा गहनों समेत इलेक्ट्रॉनिक सामान आदि की खरीदारी को लेकर ग्राहकों ने परहेज किया तो वहीं ऐसे ग्राहक बड़ी तादाद में सामने आए जिन्होंने पहले दिन के धनतेरस का भरपूर लाभ उठाया।
शनिवार को धनतेरस के पहले दिन सभी तरह की दुकानें गुलजार रहीं। ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए दुकानों को खासतौर पर सजाया गया है। रंग-बिरंगे फूलों से लेकर बिजली की झालरों से दुकानों की खास ढंग से सजावट की गई है। सराफा, कपड़े व बर्तन की दुकानों पर मुख्य रूप से धूम रही।
अकबरपुर नगर के शहजादपुर में दर्जनों दुकानें ऐसी थीं जहां भीड़ के चलते ग्राहकों को वापस लौट जाना पड़ा। शहरी क्षेत्र के ग्राहक शाम को वापस बाजारों में लौटे। देर शाम तक खरीदारी का दौर चलता रहा। लगभग 70 करोड़ की बिक्री अलग-अलग क्षेत्रों से होने का अनुमान व्यापारियों को है।
महिंद्रा एजेंसी के मैनेजर अमित सिंह ने बताया कि शुक्रवार को ही 12 चार पहिया वाहनों की बिक्री हो गई थी। शनिवार को तीन वाहन बिके जबकि रविवार के लिए डेढ़ दर्जन वाहनों की बुकिंग है। हुंडई एजेंसी के अंकुर ने बताया कि धनतेरस दो दिन पड़ने के चलते रविवार को अधिक वाहनों की बिक्री की संभावना है। शुक्रवार को भी छह कारें बिकी थीं। शनिवार को जिले में लगभग पांच करोड़ की कारें बिक गईं। रविवार को इससे कहीं अधिक का कारोबार होने की संभावना है।
शनिवार होने के चलते धनतेरस के पहले दिन सराफा बाजार में चमक कुछ कम रही। इसके बाद भी लगभग 17 करोड़ के आभूषण बिक गए। सराफा व्यवसायियों को पूरी उम्मीद है कि पर्व के दूसरे दिन रविवार को इससे ज्यादे का कारोबार होगा। शहजादपुर के वरिष्ठ सराफा व्यवसायी वीरेंद्र सेठ ने बताया कि शनिवार को आभूषण लेना लोग कम पसंद करते हैं। हालांकि इसके बावजूद लोगों खरीदारी की। इस बार लोगों की पहली पसंद हल्के व आकर्षक डिजाइन वाले आभूषण रहे।
इसे देखते हुए पहले से ही ऐसे आभूषण मंगा रखे थे। इसके अलावा चांदी की मूर्तियों व सिक्कों की भी लोगों ने बढ़-चढ़कर खरीदारी की। वरिष्ठ व्यवसायी राजकुमार सेठ ने बताया कि कुछ लोगों ने तो शुक्रवार को ही खरीदारी कर ली थी। शनिवार को भी खरीदारी के लिए आए। रविवार को अधिक ग्राहकों के आने की संभावना है। वरिष्ठ व्यवसायी रमेश सेठ ने बताया कि विगत वर्ष की अपेेक्षा इस बार अधिक आभूषण की बिक्री हो रही है।
पावर ट्रैक ट्रैक्टर एजेंसी के मालिक राजकुमार ने बताया कि कुल 10 ट्रैक्टरों की बिक्री हो चुकी है। इनमें से सात ट्रैक्टर की बिक्री शुक्रवार को ही हो गई थी। आलापुर में भी तीन ट्रैक्टरों की बिक्री हुई। वाहन बाजार में धनतेरस मुख्य रूप से रविवार को मनाया जाएगा। एसीई एजेंसी के मालिक विमलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शनिवार का दिन होने के चलते ट्रैक्टर की बिक्री पर असर पड़ा है।
रविवार को ज्यादा बिक्री होने की उम्मीद है। शुक्रवार को चार जबकि शनिवार को दो ट्रैक्टरों की बिक्री हुई। रविवार के लिए 16 ट्रैक्टरों की बुकिंग हुई है। इसके अलावा स्वराज व अन्य कंपनी की एजेंसियों पर भी लोगों ने खरीदारी की। हालांकि ज्यादातर एजेंसी संचालकों का मानना है कि रविवार को अधिक बिक्री होगी। अनुमान के अनुसार लगभग नौ करोड़ के ट्रैक्टर शनिवार को बिके।
लगभग सात करोड़ रुपये के फ्रिज, टीवी समेत कई अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बिक गए। रविवार को इससे अधिक बिक्री होने की संभावना है। बंका एंड कंपनी के सुशील बंका ने बताया कि पर्व से पहले लग रहा था कि इस बार बिक्री विगत वर्ष की तुलना में कम होगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। शुक्रवार को ही बड़ी संख्या में लोगों ने खरीदारी कर ली।
अब रविवार को भी बढ़-चढ़कर बिक्री होने की उम्मीद है। हिंदुस्तान फर्नीचर के मालिक सर्वानंद त्रिपाठी ने बताया कि शनिवार के चलते बिक्री कम हुई। इससे अधिक बिक्री शुक्रवार को हुई थी। धनतेरस रविवार को भी है। ऐसे में उम्मीद है कि बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए आएंगे।
धनतेरस के पहले दिन शनिवार को बर्तन की दुकानों पर सुबह से ही खरीदारों की भीड़ दिखी। स्टील के बर्तनों की बिक्री जमकर हुई। शहजादपुर के बर्तन व्यवसायी अशोक कुमार कसौधन ने बताया कि तमाम आशंकाओं को दरकिनार करते हुए लोगों ने बढ़-चढ़कर एल्यूमीनियम व स्टील के बर्तनों की खरीदारी की। बताया कि भीड़ को देखते हुए सुबह ही फोन कर रिश्तेदार को बुलाना पड़ा था।
शहजादपुर के ही एक अन्य बर्तन व्यवसायी राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि विगत वर्ष की तुलना में बर्तन की अधिक बिक्री हुई है। शनिवार का दिन होने के बाद भी खरीदारी पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है। रविवार को भी इसी तरह बिक्री होने की संभावना है। अनुमान के अनुसार शनिवार को लगभग 15 करोड़ रुपये के बर्तन बिक गए।
धनतेरस पर लगभग सात करोड़ रुपये की बाइकें शनिवार को बिक गईं। शोरूम संचालकों का मानना है कि रविवार को इससे अधिक बिक्री होगी। टीवीएस एजेंसी के मालिक रानू सरदार ने बताया कि शनिवार को 45 बाइकों की बिक्री हुई है। रविवार को इससे कहीं अधिक बिक्री होगी। अकबरपुर-अयोध्या मार्ग स्थित हीरो एजेंसी के मैनेजर मनीष सिंह ने बताया कि लगभग 382 बाइक की बुकिंग हुई थी। शुक्रवार को ही 232 बाइकें चली गईं। शनिवार को कम बाइकें गईं।रविवार को शेष बाइक की भी बिक्री हो जाएगी।
सौरभ होंडा एजेंसी के मैनेजर राजेश उपाध्याय ने बताया कि 50 बाइकें शनिवार को बिकीं। रविवार को इससे कहीं अधिक बिक्री होने की संभावना है। बताया कि 12 बाइकें शुक्रवार को ही बिक गई थीं। बजाज एजेंसी के मैनेजर रफीकुद्दीन अंसारी ने बताया कि 22 बाइकें शनिवार को बिकीं। रविवार को अधिक बिक्री होने की उम्मीद है। शनिवार को होंडा एजेंसी पर मिले शहजादपुर के रंजीत ने बताया कि शनिवार को लोहा नहीं खरीदना चाहिए। ऐसे में रविवार को बाइक खरीदेंगे। बुकिंग पहले ही करा ली थी।
अकबरपुर नगर से लेकर जिले के अन्य बाजारों में जगह-जगह सजीं दुकानों से बड़ी संख्या में लोगों ने मूर्तियों की खरीदारी की। अकबरपुर-अयोध्या मार्ग पर मूर्तियों की बिक्री करने वाले अनिल कुमार ने बताया कि विगत वर्ष की तुलना में इस बार अधिक बिक्री हुई।
शहजादपुर के मूर्ति दुकानदार संतोष कुमार ने बताया कि न सिर्फ चीनी मिट्टी बल्कि चांदी की मूर्तियों की भी लोगों ने खरीदारी की। जलालपुर के मूर्ति विक्रेता संदीप कुमार व बसखारी के अमरदीप ने बताया कि भगवान गणेश व लक्ष्मी की मूर्तियों की बिक्री खूब हुई। अनुमान के अनुसार लगभग 10 लाख रुपये की मूर्तियों की बिक्री हुई।
रेडीमेड कपड़ों के अलावा साड़ी व अन्य कपड़ों की दुकानों पर वैसे तो सुबह से ही खरीदारों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया लेकिन दोपहर बाद खरीदारी में तेजी आई। साड़ी के शोरूम में सबसे अधिक भीड़ रही। सिल्क की साड़ी की मांग ज्यादा रही। साड़ी विक्रेता अनवर ने बताया कि सबसे अधिक सिल्क की साड़ी बिकी।
इन सबके बीच बनारसी साड़ी भी अपनी धमक जमाए रही। रेडीमेड कपड़ों के व्यवसायी अजय सोनी ने बताया कि कोलकाता के कुर्तों की मांग सबसे अधिक रही। लखनऊ के कुर्ते भी बिके। शहजादपुर के वरिष्ठ कपड़ा विक्रेता हाजी जमाल ने बताया कि लगभग दस करोड़ रुपये के कपड़ों की बिक्री हुई।