बसखारी (अंबेडकरनगर)। समाज के बीच कुछ अच्छा करने की ललक हो तो व्यक्ति यूं ही विशेष बन जाता है। शिक्षा ग्रहण करने के दौरान जहां युवा सामान्यत: अपनी पढ़ाई व घरों के कार्यों में हाथ बटाने तक ही सीमित रह जाते हैं, वहीं बसखारी विकास खंड क्षेत्र के लखनपुर दायमपुर गांव के दो होनहार न सिर्फ अपना नाम ऊंचा कर रहे हैं, बल्कि गांव में बेहतर शिक्षा का माहौल पैदा करने की कवायद में जुटे हैं। वे आपसी भाईचारे को मजबूती प्रदान करने में भी लगे हैं। बीएससी कक्षा के दोनों छात्र गांव के करीब 80 बच्चों को नियमित रूप से शिक्षा देने का काम कर रहे हैं। यह सिलसिला पिछले करीब छह माह से लगातार चल रहा है। युवाओं के इस सकारात्मक प्रयास की न सिर्फ गांव में बल्कि दूर दराज के क्षेत्रों में भी प्रशंसा हो रही है।
कहतें हैं किसी भी परिवार, समाज व देश की तरक्की करनी हो तो सबसे पहले वहां की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने की जरूरत होती है। नागरिक जब शिक्षित व जागरूक होगा तो स्वत: ही देश व समाज तरक्की के पथ पर अग्रसर होता है। शिक्षा से ही समाज में तरक्की के साथ साथ खुशहाली व आपसी भाईचारे को भी मजबूती मिलती है। इसी धारणा के अनुरूप अपने गांव को विशेष बनाने के लिए बसखारी विकास खंड क्षेत्र के लखनपुर दायमपुर गांव निवासी दो युवाओं ने ठान ली है।
करीब छह माह पहले बीएससी तृतीय वर्ष के छात्र शिवम प्रजापति व द्वितीय वर्ष के छात्र शशि कुमार के गांव में बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देने की पहल शुरू की। स्कूल अवधि के बाद शुरु होने वाली बच्चों की इस पाठशाला में शुरुआती दौर में 10 बच्चे थे। मौजूदा समय में बच्चों की संख्या 80 के आसपास है। बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देने के साथ ही दोनों युवा उन्हें खेलकूद सहित अन्य गतिविधियों की बेहतर जानकारी दे रहे हैं। दोनों युवाओं के इस प्रयास की सराहना भी हो रही है। इससे न सिर्फ गांव के बच्चे बेहतर शिक्षा हासिल करने की तरफ आगे बढ़ रहे हैं, बल्कि गांव में एक बेहतर माहौल भी बन रहा है।
दोनों युवाओं के इस सकारात्मक प्रयास को देखते हुए ग्रामीण भी उनका मनोबल बढ़ाने के लिए आगे आए। गांव के गिरिजाशंकर पांडेय व विनोद कुमार पांडेय सहित अन्य ने जरूरी मदद की। बच्चों की शिक्षा के लिए ग्राम पंचायत भवन को मुहैया कराया। साथ ही एक साईं स्वराज शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान का भी गठन किया। दोनों युवाओं के इस पहल में अब ग्रामीण भी भागीदार बन रहे हैं। आवश्यक धन इक्कठा करके बच्चों को समय समय पर आवश्यकतानुसार पठन पाठन सामाग्रियां भी मुहैया करायी जा रही है। अमर उजाला से खास बातचीत में शिवम व शशि ने बताया कि उनका उद्देश्य है कि शिक्षा व तरक्की के मामले में उनका गांव एक मिसाल बने। सभी युवाओं को अपने गांव के लिए ऐसा सकारात्मक प्रयास करना चाहिए।