फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बच्चों को दें बेहतर तालीम व अच्छे संस्कार

विज्ञापन
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। बच्चों की पहली शिक्षक उसकी मां होती है। इस्लाम में मां को महत्वपूर्ण दर्जा दिया गया है। कहा जाता है कि मां के पैरों के नीचे जन्नत होती है। इसलिए मां की सभी को इज्जत करनी चाहिए। इस्लाम में मां से तेज आवाज में बात करने पर सख्त मना किया गया है। यह बातें रविवार को मौलाना सै. नूरुल हसन ने कहीं। वे इमामबारगाह मीरानपुर में आयोजित सालाना मजलिस को संबोधित कर रहे थे। युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी मां की इज्जत करें। कोई ऐसा कार्य न करें, जिससे मां के दिल को ठोस पहुंचे।
विज्ञापन

मौलाना नूरुल हसन ने कहा कि इस्लाम में मां को अत्यंत महत्वपूर्ण दर्जा दिया गया है। अल्लाह ने पवित्र कुरान में निर्देशित किया है कि जब भी मां के सामने जाओ, तो कंधा झुकाकर जाओ। मां से कभी भी ऊंची आवाज में न बोलो। कोई ऐसा कार्य न करो, जिससे मां के दिल को ठेस पहुंचे। युवाओं से अपील करते हुए कहा कि मां की इज्जत करो। अपील करते हुए कहा कि अपने बच्चों को इंसानियत का पैगाम दो। उन्हें बेहतर तालीम दिलाओ। बेहतर तालीम के साथ-साथ उन्हें अच्छे संस्कार भी देना होगा। बेहतर संस्कार के आधार पर ही न सिर्फ समाज, बल्कि देश को विकास के पथ पर तेजी से ले जाया जा सकता है। बाद में उन्होंने कर्बला के शहदों पर प्रकाश डालकर माहौल को भावुक बना दिया।
तंजीम रजाए इलाही के तत्वावधान में इमामबारगाह अकबरपुर में तीन दिवसीय सालाना मजलिस का आयोजन हो रहा है। रविवार को दूसरे दिन तीन मजलिसें आयोजित हुईं। दूसरी मजलिस को मौलाना शब्बर ने संबोधित किया। उन्होंने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि कोरोना संकट को देखते हुए शासन ने जो गाइडलाइन जारी की है, उसका शत-प्रतिशत पालन करें। इस मौके पर आरिफ अनवर, यासिर हुसैन, रजा अनवर, इम्तियाज हुसैन, डा. आमिर अब्बास आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें