अंबेडकरनगर। बेवाना के ज्ञानपुर निवासी श्रीनाथ की अकबरपुर इलाके में वर्ष 2012 में हुई हत्या के मामले में अदालत ने प्रेमिका के भाई कुलदीप को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
गांव के हरिनाथ ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि उनका छोटा भाई श्रीनाथ यादव दिल्ली में प्राइवेट कंपनी में काम करता था। 25 जून 2012 को श्रीनाथ को गांव की एक युवती ने फोन कर मिलने के लिए बुलाया था। युवती अकबरपुर में एक क्लीनिक चलाती थी और श्रीनाथ से उसका प्रेम संबंध था। 27 जून 2012 को अयोध्या के देवाकाली में सामान रखकर युवती से वह मिलने गए थे।
रात साढ़े नौ बजे श्रीनाथ ने अपने रिश्तेदार के लड़के बृजभूषण को फोन कर बताया कि युवती ने मिलने से मना कर दिया है। इसके बाद श्रीनाथ घायल अवस्था में मिले थे। घटना को हादसे दिखाने के लिए श्रीनाथ को रेलवे ट्रैक के किनारे फेंक दिया था। अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई थी।
हरिनाथ ने आरोप लगाया था कि युवती और उसके भाई कुलदीप के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। विवेचना के दौरान पुलिस को युवती की कोई संलिप्तता नहीं मिली थी। इसके आधार पर कुलदीप के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। इस मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम रामविलास सिंह की कोर्ट में हुई। कुलदीप को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही, 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।