जिला अस्पताल अकबरपुर में रोती बिलखती मृतका की मां रंजना देवी। संवाद
अंबेडकरनगर। अकबरपुर के दहीरपुर गांव में डीएम आवास के सामने आदर्श अमृत सरोवर में भैंस नहलाने के दौरान 12 वर्षीय रूही गहरे पानी में चली गई। उसे बचाने के लिए तालाब में कूदी दो महिलाएं भी डूब गईं। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद दोनों महिलाओं को तो बाहर निकाल लिया लेकिन रूही को मृत अवस्था में 30 मिनट बाद बाहर निकाला जा सका। दोनों महिलाओं को निजी अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
अकबरपुर के सैदापुर निवासी जितेंद्र कुमार के मुताबिक उनकी बेटी रूही (12) कक्षा चार में पढ़ती थी। स्कूल में गर्मी में छुट्टी होने के बाद शनिवार की सुबह वह भैंस चराने गई थी। सुबह नौ बजे के करीब दहीरपुर तालाब के निकट थी। उनके साथ गांव की सुनरा देवी (48) और सिताबा देवी (50) भी भैंस लेकर गई थीं। लगभग 10 बजे रूही अपनी भैंस को नहलाने के लिए तालाब में ले गई। तालाब में उतरते ही भैंस गहरे पानी में चली गई। उसे डूबता देख सुनरा देवी व सिताबा उसे बचाने के लिए पानी में कूद पड़ीं। दुर्भाग्यवश तीनों ही गहरे पानी में फंस गईं और डूबने लगीं।
सूचना मिलते ही सुनरा देवी के बेटे सुनील और अन्य ग्रामीणों ने तुरंत तालाब में छलांग लगा दी। उन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद सुनरा देवी और सिताबा देवी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। लगभग आधे घंटे की मशक्कत के बाद रूही को तालाब से बाहर निकाला जा सका लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इसी बीच अपने आवास से निकलकर कार्यालय जा रहीं डीएम ईशा प्रिया भी मौके पर रुक गईं। उन्होंने पुलिस से दोनों महिलाओं को इलाज के लिए पड़ोस के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया। साथ ही एसडीएम को फोन कर पीड़ित परिवार को हर संभव मदद मुहैया कराने के निर्देश दिए। जॉइंट मजिस्ट्रेट प्रतीक्षा सिंह ने बताया कि पीड़ित परिवार को आपदा राहत कोष से मदद मुहैया कराई जाएगी।
माता-पिता व भाई बहनों का रो-रोकर बुरा हाल : मृतका रूही की मौत के बाद से माता-पिता व भाई-बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जितेंद्र के परिवार में पत्नी रंजनी देवी के अलावा पुत्री रिया, श्रेजल, आरोही और सबसे छोटा बेटा समर्थ हैं। जितेंद्र मजदूरी और पशुपालन कर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं।