अंबेडकरनगर। अकबरपुर के मीरानपुर मुरादाबाद मोहल्ले में एक मई की रात हुई मां और चार बच्चों की हत्या के बाद गासिया खातून का शव चार दिन बीतने के बाद भी सुपुर्द-ए-खाक नहीं किया जा सका। पति नियाज अहमद के सऊदी अरब से वापसी में देरी के कारण पुलिस ने एक बार फिर परिवार के लोगों से संपर्क कर शव की सुपुर्दगी लेने की अपील की लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका। नियाज के इन्कार करने के कारण परिजन शव लेने से साफ इन्कार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि अब बुधवार सुबह तक ही इस पर कोई निर्णय हो सकेगा।
महरुआ के कसड़ा निवासी नियाज अहमद का परिवार मुरादाबाद मोहल्ले में रहता था। दो मई की दोपहर करीब तीन बजे नियाज के पुत्र शफीक (14), सऊद (12), उमर (10) और बेटी बयान (8) उर्फ सादिया के खून से लथपथ शव घर में मिले थे और पत्नी गासिया खातून गायब थीं। तीन मई की शाम घर से करीब 100 मीटर दूर नाले में महिला का शव मिला जिसके बाद पूरी कहानी ही पलट गई थी।
सबूतों के आधार पर आमिर निवासी मीरानपुर की तलाश शुरू की थी। सोमवार सुबह करीब छह बजे अकबरपुर के सुड़ारी अफजलपुर गांव के पास मुठभेड़ के दौरान आमिर को चार गोलियां लगी थीं। इसके बाद उसे सीएचसी और फिर जिला अस्पताल लाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया था। इस घटना के बाद बच्चों के शवों को तो सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया था लेकिन गासिया खातून का शव मंगलवार देर रात तक पोस्टमार्टम हाउस में ही रखा रहा।
पति नियाज अहमद सऊदी अरब से रवाना तो हुए लेकिन कनेक्टिंग फ्लाइट होने के कारण शाम आठ बजे तक अंबेडकरनगर नहीं पहुंच सके। भाई मुबारक के अनुसार सऊदी अरब यांबू के पास प्रिंस अब्दुलमोहसिन बिन अब्दुलअजीज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से वतन वापस के लिए सुबह फ्लाइट ली थी लेकिन सीधी हवाई यात्रा की सेवा न होने के कारण पहले दुबई, फिर तिरुवनंतपुरम समेत अन्य हवाई अड्डों पर रुकते हुए सफर करना पड़ रहा है। नियाज के आने में हो रही देरी के कारण पुलिस व प्रशासन ने एक बार फिर परिजनों से शव की सुपुर्दगी लेने की अपील की। इस पर परिवार के लोगों ने नियाज से संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन उसने साफ इन्कार कर दिया। मुबारक का कहना है कि रात से लेकर सुबह तक किसी भी समय नियाज आ सकता है। परिवार के सभी लोग उसका इंतजार कर रहे हैं।
सुबह से शाम तक कसड़ा गांव में गूंज रहीं सिसकियां महरुआ के कसड़ा गांव में सुबह से शाम तक सिसकियां गूंजने का सिलसिला लगातार जारी है। परिवार के लोगों को ढाढ़स बंधाने के लिए लोगों का आना-जाना लगा है। कोई सांत्वना देता है तो कोई पूरे घटनाक्रम को जानने की कोशिश करता है। चार बच्चों के जनाजे को याद कर दादी अमीना, ताऊ सलीम, मुबारक समेत अन्य लोग कांप उठ रहे हैं। जिस घर के बाहर बच्चे खेला-कूदा करते थे, आज वहां सिर्फ लोगों की भीड़ लगी रहती है।
गासिया के पड़ोस के घरों में लटके ताले
अकबरपुर के मुरादाबाद मोहल्ले में जिस घर में गासिया खातून और चार बच्चों की बेरहमी से हत्या की गई उस घर के आसपास के लोग दहशत में हैं। घटनास्थल की ओर आना-जाना तो दूर लोग अपने घरों में भी नहीं रहना चाहते हैं। मंगलवार को गासिया के आसपास के तीन घरों में ताला लटकता नजर आया। गली में मातम का सन्नाटा चीख रहा था।