जमुनीपुर। क्षेत्र की साधन सहकारी समितियों से खाद न मिल पाने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ऐसा कर्मचारियों की मनमानी की वजह से हो रहा है। किसानों की मानें तो समिति कर्मचारियों के समय से न आने के चलते खाद नहीं मिल पाती है। मजबूरन दुकानों से अधिक पैसा देकर खाद की खरीदनी पड़ती है।
बता दें कि अकबरपुर विकासखंड क्षेत्र के अरिया बाजार व जमुनीपुर सहकारी समिति से दर्जनों गांवों के किसान जुड़े हुए हैं, जहां से वे बीज व खाद की खरीददारी करते हैं। मौजूदा समय में इन दोनों समितियों पर पर्याप्त मात्रा में खाद न होने के चलते किसानों को भटकना पड़ रहा है। किसानों की मानें तो समिति पर समुचित मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं है, सप्लाई आती भी है तो कर्मचारियों के मनमानीपूर्ण रवैये से नहीं मिल पाती है। वजह यह कि समिति पर तैनात कर्मचारी निर्धारित समय पर नहीं आते हैं।
इसके चलते कई बार किसानों को मायूस होकर लौटना पड़ता है। ऐसे में खाद की उपलब्धता न होने से किसानों को प्राइवेट दुकानों की तरफ रुख करना पड़ता है, जहां उन्हें 310 रुपए देकर खरीदना पड़ता है। ऐसे में क्षेत्र में स्थापित सहकारी समिति किसानों के लिए उपयोगी साबित नहीं हो पा रही है। किसान महावीर, जोखूराम, निरंकार, रामचेत आदि का कहना है कि मनमानी की हद यह है कि जो किसान समिति से खाद की खरीददारी करता है, उससे प्रति बोरी पांच रुपए पल्लेदारी भी वसूली जाती है, जबकि ऐसा कोई नियम नहीं है।
कहा कि खाद की उपलब्धता समय से न हो पाने के चलते धान की फसल प्रभावित हो रही है। किसानों ने प्रशासन से समिति पर समुचित मात्रा में खाद की उपलब्धता सुनिश्चित कराए जाने की मांग की है। वहीं सचिव ने बताया कि सप्लाई के अनुसार किसानों को खाद उपलब्ध कराया जाया रहा है। देर से आने की बात मनगढ़ंत है। किसानों के हितों का पूरा ख्याल रखा जा रहा है।