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ग्राम प्रधान के भाई का पुलिस सुरक्षा में अंतिम संस्कार

Mon, 22 Aug 2016 11:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
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अंबेडकरनगर के भीटी पिंगरियावां गांव में घायल ग्राम प्रधान व परिवारीजनों से सोमवार को वार्ता करते पुलिस व प्रशासनिकअधिकारी। - फोटो : अमर उजाला
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चुनावी रंजिश में हुई मारपीट में घायल प्रधान के भाई की ट्रॉमा सेंटर लखनऊ में इलाज के दौरान मौत के बाद सोमवार सुबह तक ग्रामीणों में आक्रोश पनपा रहा। ग्रामीणों ने एसओ भीटी को हटाने, प्रधान पर दर्ज केस वापस लिए जाने की मांग को लेकर महरुआ-भीटी मार्ग पर शव रख जाम लगाने का प्रयास किया।
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मौके पर मौजूद पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने-बुझाने के बाद मामला शांत हो सका। इसके बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान कई थानों की फोर्स के साथ पीएसी भी मौजूद रही। गौरतलब है कि बीते दिनों चुनावी रंजिश में पिंगरियावां ग्रामसभा के मैनेजर का पूरा में दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई थी।

इसमें ग्राम प्रधान बैजनाथ के भाई हरिद्वार व दूसरे पक्ष के संजय को गंभीर चोटें आईं थीं। दोनों को जिला अस्पताल से ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया था। रविवार को इलाज के दौरान हरिद्वार की मौत हो गई थी। मौत की जानकारी गांव पहुंचते ही एक तरफ जहां परिवारीजनों में रोना-पीटना मच गया, वहीं ग्रामीणों में पुलिस प्रशासन के प्रति आक्रोश फैल गया।
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गांव में तनाव को देखते हुए एसडीएम व सीओ भीटी समेत कई थानों की पुलिस रविवार देर शाम से ही गांव में जम गई। देर शाम हरिद्वार का शव गांव पहुंचा तो एक बार फिर से ग्रामीण आक्रोशित हो गए। सोमवार सुबह आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए गांव के निकट भीटी-महरुआ मार्ग पर शव रखकर जाम लगाने का प्रयास किया।     मौके पर मौजूद एसडीएम रमापति, सीओ भीटी अमित कुमार, सीओ टांडा सुधीर कुमार व तहसीलदार भीटी सुदामा वर्मा आदि ने समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। इस बीच पूर्व मंत्री लालजी व पूर्व सांसद त्रिभुवनदत्त ने गांव पहुंचकर परिवारीजनों से मुलाकात की और उन्हें बताया कि उनकी मांगों के संबंध में एसपी से वार्ता की गई है।   एसपी ने जांच के बाद आवश्यक कदम उठाए जाने का आश्वासन दिया है। दरअसल ग्रामीण एसओ भीटी को तत्काल हटाए जाने, प्रधान के विरुद्ध दर्ज केस को वापस लिए जाने, ग्राम प्रधान को सुरक्षा दिए जाने की मांग कर रहे थे। बाद में ग्रामीणों ने हरिद्वार के शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
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