अंबेडकरनगर। उप्र ग्रामीण बैंक की अन्नावा शाखा में सामने आए म्यूल खाते में देश के अलग-अलग हिस्सों से रकम पहुंचने की बात सामने आई है। यह रकम नेट बैंकिंग के जरिये दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी गई। पुलिस अब खाते से जुड़े लेनदेन की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
महरुआ क्षेत्र के हीड़ी पकड़िया गांव निवासी विनोद कुमार के नाम से ट्रेड विजन इंडिया लिमिटेड के नाम पर सात अगस्त 2026 को अन्नावा शाखा में खाता खोला गया था। खाता खुलने के समय ढाई हजार रुपये नकद जमा किए गए। इसके बाद 27 से 31 अगस्त के बीच महज पांच दिनों में खाते में 887 बार लेनदेन हुआ। अलग-अलग यूपीआई माध्यमों से कुल 21.11 लाख रुपये खाते में जमा हुए। इसके बाद नेट बैंकिंग के माध्यम से करीब 21.10 लाख रुपये अलग-अलग खातों में स्थानांतरित कर दिए गए।
जांच में पता चला कि खाते में रकम जिले या प्रदेश के सीमित स्थानों से नहीं, बल्कि जम्मू, झारखंड और महाराष्ट्र समेत अलग-अलग राज्यों से भेजी गई थी। अलग-अलग साइबर थानों और पुलिस इकाइयों की ओर से बैंक को शिकायत और ई-मेल भेजे जाने के बाद खाते को फ्रीज कर दिया गया। पुलिस अब खाते से जुड़े लेनदेन की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
632 खातों पर कार्रवाई, नेटवर्क अब भी चुनौती
साइबर पुलिस के अनुसार जिले में अब तक 632 म्यूल खातों को बंद या फ्रीज कराया जा चुका है। ऐसे खातों में आमतौर पर किसी व्यक्ति से ठगी गई रकम आती है और कुछ ही समय में उसे दूसरे खातों में भेज दिया जाता है। खाताधारकों तक पुलिस की पहुंच बन रही है, लेकिन रकम भेजने और आगे ट्रांसफर कराने वाले पूरे नेटवर्क तक पहुंचना चुनौती बना हुआ है। साइबर पुलिस अब इन खातों में हुए लेनदेन के आधार पर रकम भेजने वाले और प्राप्त करने वाले खातों की पड़ताल कर रही है। एक ही खाते में अलग-अलग राज्यों से रकम पहुंचने से जांच का दायरा भी बढ़ गया है। कार्रवाई फिलहाल खाते उपलब्ध कराने या उनका इस्तेमाल करने वाले लोगों तक सीमित है। नेटवर्क के पीछे सक्रिय मुख्य संचालकों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
लगातार की जा रही निगरानी
साइबर पुलिस की ओर से संदिग्ध लेनदेन वाले खातों की लगातार निगरानी की जा रही है। अब तक 632 खातों को फ्रीज कराया जा चुका है। अन्नावा शाखा में खोले गए खाते के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
- प्रदीप सिंह चंदेल, सीओ साइबर