जिले में सर्पदंश की घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। इसके बावजूद सीएचसी व पीएचसी पर आवश्यक इलाज की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। नतीजतन सर्पदंश के शिकार लोगों को समुचित इलाज के लिए जिला अस्पताल तक की दौड़ लगानी पड़ती है। रविवार को भी चार लोगों को सांप ने डस लिया जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें से एक की हालत गंभीर बनी हुई है।
तीमारदारों ने नाराजगी जताते हुए सीएचसी व पीएचसी में भी इलाज की समुचित व्यवस्था कराने की मांग की। थाना क्षेत्र जलालपुर अंतर्गत अशरफपुर गांव निवासी मुरली (62) पुत्र रामदास को रविवार भोर में खेत जाते समय सांप ने डस लिया। उन्हें सीएचसी जलालपुर ले जाया गया, जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
वहीं, मालीपुर थाना अंतर्गत भिटरी गांव निवासी शैलेश (11) पुत्र सभाजीत को रविवार सुबह घर के बाहर खेलते समय सांप ने डस लिया। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसी थाना अंतर्गत कल्याणपुर गांव निवासी रमेश (23) पुत्र रामगोपाल को रविवार सुबह खेत में काम करते समय सांप ने डस लिया।
उसे भी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। उधर, इब्राहिमपुर थाना अंतर्गत हिलालपुर गांव निवासिनी कल्पना (18) पुत्री सेवाराम को रविवार सुबह घर की साफ-सफाई के दौरान सांप ने डस लिया। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जिला अस्पताल में सर्पदंश के शिकार लोगों के साथ आए तीमारदारों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि सीएचसी व पीएचसी समेत अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर इलाज की समुचित व्यवस्था होती तो उन्हें जिला अस्पताल तक की दौड़ न लगानी पड़ती। उधर, सीएमओ डॉ. जीआर चंद्रा ने बताया कि सभी सीएचसी, पीएचसी व अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर सर्पदंश की आवश्यक दवाएं पर्याप्त मात्रा में मौजूद हैं।