अंबेडकरनगर। बीएन इंटर कॉलेज अकबरपुर में संस्थागत धन के गबन के मामले में सत्र न्यायालय ने पूर्व कार्यवाहक प्रधानाचार्य विपिन कुमार सिंह (60) की आपराधिक पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी। सत्र न्यायाधीश चंद्रोदय कुमार ने 29 सितंबर को पारित आदेश में सीजेएम न्यायालय के नौ जून 2025 के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें विपिन कुमार सिंह को मुकदमे के लिए तलब किया गया था।
कॉलेज प्रबंधक कृष्ण कुमार टंडन की शिकायत पर दर्ज एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि कार्यवाहक प्रधानाचार्य रहते विपिन कुमार सिंह ने कॉलेज के विभिन्न खातों की रकम में 10.20 लाख रुपये की अनियमितता और गबन किया। पुलिस ने जांच के बाद 28 दिसंबर 2024 को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने की बात कहते हुए अंतिम रिपोर्ट दाखिल की थी। इसके विरोध में प्रबंधक ने 18 मार्च 2025 को प्रार्थना पत्र दिया था। सीजेएम ने अंतिम रिपोर्ट खारिज कर आरोपी को तलब किया था।
इस आदेश को विपिन कुमार सिंह ने सत्र न्यायालय में चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि पुलिस ने सरकारी ऑडिट नहीं होने और निजी चार्टर्ड अकाउंटेंट की रिपोर्ट के आधार पर अंतिम रिपोर्ट लगाई थी। जबकि पुलिस अभिलेख में जिला ऑडिट अधिकारी, स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग की 19 अगस्त 2023 की निरीक्षण रिपोर्ट भी मौजूद थी।
रिपोर्ट में 18.10 लाख रुपये के बिना प्रमाणित खर्च, संस्थागत धन को व्यक्तिगत खाते में स्थानांतरित करने और 4.04 लाख रुपये के परियोजना धन के डायवर्जन समेत कई वित्तीय अनियमितताओं का उल्लेख था। अदालत ने बैंक अभिलेख, व्यक्तिगत खाते में धन हस्तांतरण, बियरर चेक से लेनदेन और सरकारी ऑडिट रिपोर्ट को प्रथमदृष्टया पर्याप्त सामग्री माना। इसके आधार पर पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी।