अंबेडकरनगर। विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट परविंद कुमार की अदालत ने शिवसेना के पूर्व विधायक पवन पांडेय को धमकी और एससी-एसटी एक्ट के मामले में साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया।
मामले में आजमगढ़ जिले के अतरौलिया क्षेत्र के इटायल भवानीपुर निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक चेनई राम ने 21 नवंबर 2023 को पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थनापत्र में खुद को वर्ष 1996 में बेवाना थाने में दर्ज एक मामले में गवाह बताते हुए पूर्व विधायक पवन पांडेय पर धमकाने का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि मुकदमे में गवाही देने के कारण उन्हें और उनके परिवार को आरोपी पवन पांडेय तथा उनके साथियों की ओर से जान से मारने की धमकी दी गई थी। इसी भय के कारण वह लंबे समय तक न्यायालय में गवाही देने नहीं जा सके।
एसपी के आदेश अकबरपुर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू की और आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों का परीक्षण किया गया। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त आधार नहीं पाया। इसके बाद विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट परविंद कुमार की अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में पवन पांडेय को दोषमुक्त कर दिया।