अंबेडकरनगर। विधानसभा चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के मामले में नामजद पूर्व विधायक अनीता कमल को सीजेएम कोर्ट ने बरी कर दिया। फैसले के बाद अनीता ने कहा कि उनके खिलाप मनमाने ढंग से केस दर्ज कराया गया था।
वर्ष 2017 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर अनीता कमल विधानसभा चुनाव लड़ रही थीं। इस चुनाव में जीत दर्ज कर वे विधायक भी बन गईं। चुनाव प्रचार के दौरान आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने के आरोप में अनीता के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था। आरोप था कि उन्होंने बिना अनुमति रामनगर बाजार में समर्थकों के साथ प्रचार कर रही थीं।
इस केस की विवेचना पूरी करके पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में पेश की। इसके बाद सीजेएम कोर्ट केस की सुनवाई आगे बढ़ी। पूर्व विधायक की तरफ से बहस करते हुए अधिवक्ता दिवाकर ओझा ने कहा कि अनीता कमल ने किसी प्रकार का आचार संहिता उल्लंघन नहीं किया था। प्रशासन ने द्वेषपूर्ण ढंग से उन पर केस दर्ज कराया था।
अधिवक्ता ने बताया कि इस मामले की सुनवाई पूरी करते हुए सीजेएम ने पूर्व विधायक को आरोपों से बरी कर दिया। उधर अनीता कमल ने कहा कि उनके खिलाफ मनमाने ढंग से केस दर्ज कराया गया था। कोर्ट से न्याय मिलने की पूरी उम्मीद थी।