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पूर्व मंत्री शंखलाल ने पार्टी नेतृत्व पर खड़े किए सवाल

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अंबेडकरनगर। विधानसभा चुनाव में सपा की हार पर वरिष्ठ पार्टी नेता पूर्व मंत्री शंखलाल मांझी ने अपना दर्द सार्वजनिक किया है। फरेंदा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़कर पराजित होने वाले शंखलाल मांझी ने पार्टी नेतृत्व के निर्णयों पर सवालिया निशान खड़े करते हुए कहा कि समय से टिकट का बंटवारा न किए जाने तथा दूरदर्शिता न दिखाने के चलते ही पार्टी को बड़े नुकसान का सामना करना पड़ा है। पूर्व मंत्री की ओर से सोशल मीडिया पर की गई इस पोस्ट का तमाम कार्यकर्ताओं ने समर्थन भी किया है।
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पिछले लगभग डेढ़ दशक से जिले की राजनीति में सक्रिय शंखलाल मांझी सपा के टिकट पर उप चुनाव में सांसद निर्वाचित हो चुके हैं। पार्टी ने उन्हें जलालपुर विधानसभा सीट पर भी टिकट दिया था, लेकिन सफल नहीं हो पाए थे। कटेहरी सीट से वे सपा के टिकट पर विधायक चुने जाने के साथ ही प्रदेश मंत्रिमंडल में स्थान बनाने में कामयाब रहे थे। इस बार भी वे कटेहरी से दावेदार थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें महराजगंज जनपद की फरेंदा सीट से अंतिम दौर में टिकट थमा दिया। वे चुनाव नहीं जीत पाए। अब उन्होंने फेसबुक पर अपना दर्द बयां किया है।
उन्होंने लिखा कि मन बड़ा उदास है। कहने को कुछ शेष नहीं है। थोड़ी सी अदूरदर्शिता के कारण करोड़ों लोगों का विश्वास टूटा। यह बड़ा नुकसान है। समय से टिकट का बंटवारा न किया जाना भी एक कारण बना। प्रत्याशियों को ताश के पत्ते की तरह फेंटते हुए अंतिम चरण में टिकट दिया गया। पार्टी नेतृत्व पर सवालिया निशान खड़े करते हुए मांझी ने लिखा कि बड़े नेताओं को चुनाव की जिम्मेदारी न देकर सारी कमान अपने ही हाथ में रखना उचित नहीं था। टिकट का बंटवारा स्क्रूटनी समिति द्वारा न किया जाना आदि तमाम ऐसे मुद्दे थे, जिनको समय रहते संभाला जा सकता था। हम सब यह करने पर नाकामयाब रहे। परिणाम सामने है।
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पूर्व मंत्री की ओर से अपने फेसबुक अकांउट से की गई इस पोस्ट के बाद पार्टी के तमाम नेताओं व कार्यकर्ताओं ने इसका समर्थन किया है। कहा कि पार्टी की तरफ से वाकई तमाम चूक हुई हैं। इसे समय रहते सुधारा जा सकता था। कार्यकर्ताओं ने लिखा कि जनता वोट देने के लिए तत्पर थी, लेकिन पार्टी की तरफ से ही वे सभी प्रयास नहीं किए गए, जो किए जाने चाहिए थे। उधर, वरिष्ठ सपा नेता शंखलाल मांझी की यह पोस्ट पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं के बीच पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। इस बीच पूर्व मंत्री ने कहा कि मैं पार्टी का सच्चा हितैषी हूं। मन में जो बात थी, वह कही है। पार्टी नेतृत्व पर कोई सवाल खड़ा नहीं किया है।
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