अंबेडकरनगर। जुलाई माह से मनरेगा, श्रम विभाग व अंत्योदय के 2 लाख से अधिक राशनकार्डधारकों को नियमित निशुल्क गेहूं व चावल नहीं मिलेगा। अब जुलाई से नवंबर तक ऐसे कार्डधारकों को सिर्फ प्रधानमंत्री कल्याण योजना के तहत ही निशुल्क चावल व चना उपलब्ध कराया जाएगा। उन्हें इस योजना का लाभ नवंबर तक मिलेगा।
कोरोना संकट काल में मनरेगा, श्रम विभाग व अंत्योदय के 2 लाख से अधिक राशनकार्डधारकों को नियमित मिलने वाला खाद्यान्न चावल व गेहूं निशुल्क दिया जाता था। इसके अलावा प्रधानमंत्री कल्याण योजना के तहत भी ऐसे राशनकार्डधारकों को प्रति यूनिट पांच किग्रा चावल व प्रति कार्ड एक किग्रा चना निशुल्क अप्रैल, मई व जून माह में दिया गया था।
शासन के दिशा निर्देश के बाद अब जुलाई माह से ऐसे राशनकार्डधारकों को नियमित खाद्यान्न निशुल्क नहीं दिया जाएगा। इस संबंध में शुक्रवार को जिलापूर्ति अधिकारी राकेश कुमार ने सभी पूर्ति निरीक्षकों को शासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों की जानकारी देते हुए कहा कि कोरोना संकट को देखते हुए अप्रैल, मई व जून माह में मनरेगा, श्रम विभाग व अन्त्योदय कार्डधारकों को नियमित खाद्यान्न निशुल्क उपलब्ध कराया गया था, लेकिन अब उन्हें इसका लाभ नहीं मिलेगा।
अब इसके लिए पूर्व की तरह ही निर्धारित राशि अदा करनी होगी। जिलापूर्ति अधिकारी ने बताया कि जुलाई से नवंबर तक प्रत्येक माह की 25 से 30 तारीख तक निशुल्क प्रति यूनिट पांच किग्रा चावल व प्रति कार्ड एक किग्रा चना दिया जाएगा। सभी पूर्ति निरीक्षकों को निर्देशित करते हुए कहा कि शासन द्वारा जारी नए दिशा निर्देशों का पूरी तरह पालन कराया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।