सरयू नदी सोमवार को और उफनाई। जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्धि के चलते सोमवार को पानी खतरे के निशान से 36 सेंमी ऊपर पहुंच गया। सोमवार को पानी का स्तर जहां 92.750 मीटर पर था, वहीं सोमवार शाम तक 93.090 मीटर पर पहुंच गया। जलस्तर में वृद्धि के चलते निकटवर्ती एक दर्जन गांव व टांडा नगर के आधा दर्जन मोहल्ले पानी से घिर गए।
माझा उलटहवा का अन्य क्षेत्रों से संपर्क मार्ग टूटने के चलते आवागमन के लिए ग्रामीणों को नाव का प्रयोग करना पड़ रहा है। प्रति घंटा जलस्तर में आधा सेंमी की वृद्धि से मंगलवार सुबह तक निकटवर्ती गावों में पानी घुसने की आशंका बढ़ गई है। कुछ दिनों से सरयू नदी के जलस्तर में कमी के बाद रविवार को अचानक वृद्धि होने लगी।
तेजी से हुई वृद्धि के चलते जलस्तर खतरे के लाल निशान 92.730 मीटर से 20 सेंमी ऊपर 92.750 मीटर पर पहुंच गया। इससे नदी का पानी निकटवर्ती गावों में घुस गया। नदी में उफान का दौर सोमवार को भी जारी रहा। सोमवार शाम चार बजे जलस्तर 93.090 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के लाल निशान से 36 सेंमी ऊपर था।
जलस्तर में लगातार वृद्धि से निकटवर्ती गांव माझा महरीपुर, माझा करमपुर, आसोपुर, अवसानपुर, माझा छज्जापुर, चिंतौरा, मुबारकपुर, फूलपुर, बेलदहा, केवटला, पल्टूपीर, माझा इस्माइलपुर, माझा उलटहवा समेत एक दर्जन से अधिक गांव पानी से घर गए।
इसके साथ ही टांडा नगर के नेहरूनगर, मेहनिया, छज्जापुर, कश्मीरिया नई बस्ती समेत आधा दर्जन मोहल्लों के करीब पानी पहुंच गया। नदी के जलस्तर में प्रति घंटा आधा सेंमी की वृद्धि हो रही है। इसे देखते हुए मंगलवार सुबह तक माझा क्षेत्र के गावों व निकटवर्ती मोहल्लों में भी बाढ़ का पानी पहुंचने की आशंका है।