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बाढ़ से बढ़ी मुसीबत

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फोटो 20, अंबेडकरनगर के टांडा माझा उल्टहवा में बाढ़ के पानी से घिरा गांव। - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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टांडा। सरयू नदी की बाढ़ ने टांडा तहसील क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक गांवों में भारी मुसीबत उत्पन्न कर दी है। पानी से चौतरफा घिरे माझा कला व माझा उल्टहवा गांव तक पहुंचने वाले मार्गों पर पानी भर गया है। फसल जलमग्न् हो गई है, तो 4 आवासीस छप्पर नदी में समा गए हैं। बुधवार को नदी का जल स्तर खतरे के निशान से 72 सेमी ऊपर दर्ज किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि फिलहाल स्थिर चल रही नदी के जल स्तर में वृद्घि होती है तो निश्चित रूप से मुश्किलें और बढ़ेंगी।
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बताते चलें कि सरयू नदी का जल स्तर बढ़ने के साथ ही टांडा तहसील क्षेत्र के माझा क्षेत्र के ग्रामीणों को बाढ़ की आशंका सताने लगी थी। प्रशासन भी ग्रामीणों को हरसंभव मदद को भरोसा दिला रहा था। पिछले कुछ दिनों में बढ़े नदी के जल स्तर ने तहसील क्षेत्र के माझा कला व माझा उल्टहवा के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौजूदा समय में ग्राम पंचायत के अधिकांश मजरों का संपर्क एक दूसरे से टूट चुका है। आवागमन के लिए बने संपर्क मार्ग पानी में पूरी तरह डूब चुके हैं। सैकड़ों बीघा फसल भी डूबकर नष्ट हो जा रही है।
माझा उल्टहवा की ग्राम प्रधान दर्शना देवी ने बताया कि गांव से बंधे तक पहुंचने के लिए बना मार्ग भी जलबहाव के चलते कई जगह क्षतिग्रस्त हो चुका है। इस मार्ग से आवागमन करना अब खतरे से भरा है। गांव के दो ग्रामीणों का रिहायसी छप्पर भी नदी के पानी में समा चुका है। इससे ग्रामीणों के समक्ष मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। माझा अवसानपुर के पूर्व प्रधान रामनयन वर्मा ने बताया कि माझा क्षेत्र से सुरक्षित निकलना मुश्किल हो गया है। गांव से सुरक्षित स्थान पर जाते समय एक दिन पहले गांव निवासी राजेन्द्र पाण्डेय की भैंस पानी में डूब गई। गांव के रामप्रीत व सूर्यपाल का रिहायशी छप्पर भी पानी के चलते जमींदोज हो गए।
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गांव के हृदयराम, राजकुमार, सरबजीत का छप्पर भी पानी की वजह से क्षतिग्रस्त हो गया है। नदी के पानी में उफान भले ही कुछ कम हुआ है, लेकिन बाढ़ से मुश्किलें अभी जस की तस बनी हुई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पानी का जल स्तर तेजी से घटा तो कटान की मार से भी जूझना पड़ेगा। बाढ़ के पानी से टांडा तहसील क्षेत्र के करीब आधा दर्जन गांव जूझ रहे हैं। कहीं किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं, तो कहीं घरों तक पानी पहुंच जाने से तमाम मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है। गुरुवार को नदी का जल स्तर खतरे के लाल निशान से 72 सेंमीमीटर ऊपर दर्ज किया गया।
खतरे के लाल निशान से बाढ़ का पानी करीब 5 सेमीमीटर घटा है। ऐसे में उम्मीद है कि आने वाले समय में ग्रामीणों को राहत मिलेगी। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के साथ ही उन्हें आवश्यक मदद भी मुहैया करायी जा रही है।
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अभिषेक पाठक, उपजिलाधिकारी, टांडा
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