अंबेडकरनगर। पांच दिन से हो रही बारिश से आम जनजीवन पूरी तरह अस्तव्यस्त हो गया है। तमसा नदी का जलस्तर बढ़ने से तट पर स्थित लगभग तीन सौ बीघा धान व गन्ने की फसल जलमग्न हो गई।
तेज हवा के साथ हुई बारिश से गन्ने व अगैती धान की फसल जहां धराशायी हो गई। उधर, जिला मुख्यालय समेत अन्य नगरीय क्षेत्रों में जगह-जगह जलभराव होने से लोगों को आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
लगातार हो रही बारिश के चलते तमसा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। नतीजतन लगभग तीन सौ बीघा फसल जलमग्न हो गई है। दरवरपुर, बसोड़ी, शेखपुरा समेत लगभग आधा दर्जन गांव की धान व गन्ने की फसल डूब गई।
बसोड़ी के किसान रामसूरत वर्मा ने कहा कि यदि बारिश इसी प्रकार होती रही तो भारी नुकसान होगा। इसी गांव के उमाशंकर ने कहा कि यदि बारिश का दौर नहीं थमा तो तमसा नदी का पानी खेतों में भरा रहेगा जिससे धान की फसल को भारी नुकसान होगा।
दिनेश वर्मा व दरवरपुर के दीपक कुमार ने कहा कि अभी अधिक नुकसान नहीं है लेकिन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता रहा तो इससे नुकसान अधिक होने की आशंका है।
अकबरपुर के किसान सालिकराम, सजीवन जायसवाल व दिलीप कुमार ने कहा कि उनकी अगैती धान की फसल हवा के साथ हो रही बारिश के चलते खेत में ही धराशायी हो गई। इससे फसल को भारी नुकसान होगा।
गन्ना किसान प्रकाश रॉय व अरविंद कुमार ने कहा कि बारिश से गन्ने की फसल को नुकसान नहीं था लेकिन हवा के चलते फसल धराशायी हो गई।
उधर, बारिश के चलते जिला मुख्यालय के साथ ही अन्य नगरीय क्षेत्रों में जगह-जगह जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है। इससे लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जिला मुख्यालय पर अकबरपुर-अयोध्या मार्ग पर शीतला आश्रम से लेकर बनगांव रोड, सब्जी मंडी, शहजादपुर चौक, बस स्टेशन क्षेत्र, कृषि भवन के निकट, कलेक्ट्रेट के निकट जलभराव होने से लोगों को आवागमन में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।