अंबेडकरनगर। उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति सुविधा मुहैया कराने के लिए पांच नए विद्युत उपकेंद्रों का निर्माण होगा। बिजली सुधार योजना के तहत इन उपकेंद्रों के निर्माण पर 25 करोड़ का खर्च आएगा। इसका सीधा फायदा एक लाख आबादी क्षेत्र के लोगों को मिलेगा। बजट स्वीकृति बाद उपकेंद्र के शीघ्र निर्माण के लिए मध्यांचल बिजली वितरण निगम ने इसकी टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
शहर में बदहाल चल रही बिजली आपूर्ति की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पॉवर कार्पोरेशन पांच अलग-अलग क्षेत्रों में नए उपकेंद्र स्थापित करेगा। वर्तमान में जिलेे की करीब 24 लाख की आबादी को 41 उपकेंद्र से बिजली सप्लाई मुहैया कराई जा रही है। इनमें से कई बिजली उपकेंद्र ओवर लोडेड चल रहे हैं।
इस कारण क्षेत्र की आबादी को समुचित बिजली सप्लाई भी नहीं मिल पा रही है। ऐसे बिजली उपकेंद्र से जुड़े इलाकों में लो वोल्टेज व ट्रिपिंग की समस्या उपभोक्ताओं को सबसे ज्यादा परेशान करती है। इस परेशानी से छुटकारा दिलाने के लिए अब पॉवर कॉर्पोरेशन ने पांच नए उपकेंद्र की स्थापना का फैसला किया है।
इसके लिए किशुनपुर कबिरहा, कुर्कीबाजार, राजेसुल्तानपुर, एनवां व सुलेमपुर क्षेत्र को चुना गया है। प्रत्येक उपकेंद्र के निर्माण पर 5 करोड़ का खर्च आएगा।
कुल 25 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इन उपकेंद्र में पांच-पांच एमबी क्षमता के ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। साथ ही उपकेंद्र स्थल पर आवास व कार्यालय का निर्माण भी होगा। इन उपकेंद्रों के बनने से नेवादा व तेंदुआईकला बिजली उपकेंद्र समेत तीन अन्य उपकेंद्र का भी लोड कम होगा।
बिछेगी अंडरग्राउंड केबल
बिजली चोरी रोकने व उपभोक्ताओं को सुचारु रूप से बिजली उपलब्ध कराने के लिए नगर पालिका परिषद अकबरपुर व टांडा में अंडरग्राउंड केबल भी बिछाई जाएगी। टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के बाद शीघ्र ही केबल बिछाए जाने का कार्य शुरू हो जाएगा। रिवैंप बिजली सुधार योजना के तहत अब नगर पालिका व नगर पंचायतों में खुले बिजली या फिर बंच कंडक्टर के स्थान पर भी भूमिगत केबल बिछाई जाएगी। इससे बिजली चोरी पर प्रभावी तौर से रोक लग सकेगी। पहले चरण में इसके लिए नगर पालिका अकबरपुर व टांडा में योजना के तहत कार्य कराया जाएगा। अंडरग्राउंड केबल बिछाए जाने का कार्य शीघ्र प्रारंभ हो सके इसके लिए टेेंडर प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
निर्माण के जमीन का चिह्नांकन
बिजली विभाग ने प्रस्तावित पांचों नए उपकेंद्रों के निर्माण के लिए जमीन के चिह्नांकन का कार्य शुरू कर दिया है। इसके तहत ही किशुनपुर कबिरहा में उपकेंद्र के निर्माण के लिए भूमि की खोज पूरी हो चुकी है। कुर्कीबाजार में भूमि का चिह्नांकन हुआ है लेकिन उसमें कुछ कमियां होने के चलते मंजूरी नहीं मिल सकी है। राजेसुल्तानपुर, सुलेमपुर व ऐनवां उपकेंद्र निर्माण के लिए भूमि चिन्हांकन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
विवेक कुमार मिश्र, अधिशासी अभियंता अकबरपुर