माडरमऊ गांव में तिलक समारोह में हर्ष फायरिंग के बाद पूछताछ करती पुलिस।
जहांगीरगंज (अंबेडकरनगर)। बृहस्पतिवार की रात माडरमऊ गांव में आयोजित तिलक समारोह की खुशियां उस समय गम में बदल गईं जब कार्यक्रम के दौरान हुई हर्ष फायरिंग में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। अचानक चली गोली सीधे युवक के हाथ में लगी, जिसके बाद समारोह में भगदड़ जैसा माहौल बन गया। घायल युवक का उपचार लखनऊ में चल रहा है, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
माडरमऊ निवासी जगदंबिका के छोटे बेटे ओंकार का तिलक उत्सव ग्रामीण क्षेत्र में बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा था। परिवारजन और रिश्तेदारों की मौजूदगी में रात करीब आठ बजे तिलक की पारंपरिक रस्में चल रही थीं। इसी दौरान कुछ लोग उत्सव में जोश दिखाने के लिए बंदूक से हर्ष फायरिंग करने लगे। उपस्थित लोग इसकी गंभीरता को समझ पाते, इससे पहले ही अचानक चली गोली बड़ेगांव निवासी जीशान को जा लगी। गोली लगते ही वह जमीन पर गिर पड़ा और चीख-पुकार मच गई।
आनन-फानन में ग्रामीणों ने घायल जीशान को उठाकर स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया। वहां मौजूद डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन स्थिति गंभीर होने के कारण तुरंत जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे बेहतर उपचार के लिए लखनऊ भेज दिया। परिजनों ने बताया कि युवक का दाहिना हाथ बुरी तरह जख्मी हो गया है और उसकी नसों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गईं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हर्ष फायरिंग के लिए उपयोग की जा रही बंदूक की नाल साफ की जा रही थी। इसी दौरान संभवतः स्ट्राइकर दब गया और गोली अनियंत्रित होकर निकल गई। माना जा रहा है कि यह हादसा लापरवाही के कारण हुआ है, क्योंकि कार्यक्रम में बंदूक का बिना सुरक्षा इंतजाम के इस्तेमाल किया जा रहा था।
प्रभारी निरीक्षक अजय प्रताप यादव ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और प्रारंभिक जानकारी जुटाई। उन्होंने कहा कि हर्ष फायरिंग पूरी तरह प्रतिबंधित है और लापरवाही साबित होने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बंदूक लाइसेंसी थी या अवैध रूप से कार्यक्रम में लाई गई थी।
गांव के लोगों में इस घटना को लेकर आक्रोश और भय दोनों है। ग्रामीणों का कहना है कि शादी-ब्याह जैसे समारोहों में हर्ष फायरिंग का चलन बढ़ने से जानमाल को खतरा बढ़ता जा रहा है। प्रशासन से ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की जा रही है।