जानकारी के मुताबिक रविवार देर सायं गांव निवासी राजकिशोर गौड़ की पशुशाला में अचानक आग लग गई। बताया जाता है कि मच्छर भगाने के लिए जलाई गई गोबर की कंडी से निकली चिंगारी से छप्पर में आग लग गई। गुहार पर पहुंचे ग्रामीणों ने आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।
आग की विभीषिका का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उसने इर्दगिर्द के घरों को भी अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया। इस बीच सूचना मिलने पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया।
हालांकि तब तक राजकिशोर का बैल झुलसकर मर चुका था, जबकि रामधेश्याम की लगभग 30 हजार रुपये की नाइलान की बनी मछली मारने वाली जाल, राजकिशोर का 6 कुंतल गेहूं, 10 कुंतल भूसा व कीमती लकड़ी तथा देवीलाल व हीरालाल की छप्पर आंशिक रूप से जल चुकी थी। आग की घटना में कुल मिलाकर लगभग एक लाख रुपये की संपत्ति को नुकसान हुआ।