बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर के बाहर मॉकड्रिल के दौरान लगी आग को बुझाती कर्मचार
अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल में अग्निशमन विभाग की ओर से बृहस्पतिवार को विशेष मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान ट्राॅमा सेंटर के बाहर आग लगाकर कर्मचारियों को उसे बुझाने के तरीके बताए गए। आग की लपटों के बीच अस्पताल की फायर सिलिंडरों से लपटों पर काबू पाया गया। इस दौरान अस्पताल स्टाफ को आग लगने की स्थिति में जान-माल के नुकसान को न्यूनतम करने और मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने के गुर सिखाए गए।
अस्पताल के सीएमएस डॉ. पीएन यादव ने सुरक्षा कर्मियों, नर्सिंग स्टॉफ और प्रशिक्षुओं को बताया कि आग लगने के शुरुआती चंद मिनट बेहद कीमती होते हैं। अग्निशमन अधिकारी सचिन शर्मा ने अस्पताल में जगह-जगह स्थापित अग्निशमन सिलिंडरों को चलाने की व्यावहारिक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन यंत्रों का उपयोग करना बेहद सरल है और इनके जरिये आग पर तुरंत काबू पाकर मरीजों को रेस्क्यू करने के लिए अतिरिक्त समय जुटाया जा सकता है।
मॉकड्रिल के दौरान पूरे स्टाफ ने संकट की स्थिति में धैर्य न खोने और मरीजों की जान बचाने के साथ-साथ आग बुझाने के तरीके को देखा। इस दौरान अस्पताल के आपातकालीन निकास द्वारों और अन्य सुरक्षा उपकरणों के बारे में भी जानकारी साझा की गई। कर्मचारियों को अग्निशमन सिलिंडर का उपयोग कर आग बुझाने का प्रशिक्षण भी दिया गया। अस्पताल भवन में स्थापित अग्निशमन हाइड्रेंट प्रणाली का संचालन भी प्रदर्शित हुआ। इस अभ्यास से यह सुनिश्चित किया गया कि अग्निशमन उपकरण पूरी तरह कार्यशील हैं। इस दौरान मैनेजर डॉ. हर्षित, डॉ. लता चौधरी, नर्सिंग स्टाफ नेहा, आरती आदि मौजूद रहे।