जलालपुर। जैतपुर थाना क्षेत्र के सेमरा एकडंगा गांव में बीती रात मच्छर भागने के लिए किए गए धुएं से गोशाला में आग लग गई। पशुशाला में बंधे पशुओं को बचाने की कोशिश में पुत्र व पिता भी झुलस गए, जबकि एक मवेशी की झुलसकर मौत हो गई। दो अन्य मवेशी बुरी तरह झुलस गए। चीख-पुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीणों की मदद से किसी तरह आग पर काबू पाया गया। आगजी में करीब 50 हजार रुपए के नुकसान का अनुमान जताया जा रहा है। जैतपुर थाना क्षेत्र के सेमरा एकडंगा गांव में सोमवार रात उस समय चीख-पुकार मच गई, जब गांव निवासी नंदलाल की छप्परनुमा गोशाला में आग लग गई। बताया जाता है कि पशुशाला में मच्छरों को भगाने के लिए धुआं किया गया था। देर रात अचानक आग लग गई।
पशुपालक व उसके परिजनों को जब तक इसी जानकारी होती तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। तेज आवाज के साथ छप्पर के जलने व पशुओं के चिल्लाने की आवाज पशुपालक नंदलाल तक पहुंची तो वे पशुओं को बचाने के लिए दौड़ पड़ा। उसका पुत्र रोशन भी मौके की तरफ दौड़ा। दोनों ने पशुशाला में घुसकर दो मवेशियों को बचा लिया, लेकिन तब तक दोनों झुलस चुके थे। झुलसने से एक मवेशी की मौत भी हो गई। आग से पिता-पुत्र भी बुरी तरह झुलस गए। रोशन को गंभीर दशा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रफीगंज में भर्ती कराया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
वहीं, नंदलाल को स्थानीय स्तर पर उपचार के लिए भर्ती कराया गया। मंगलवार को घटना की जानकरी जलालपुर तहसील प्रशासन को हुई तो तहसीलदार बृजेश कुमार वर्मा व क्षेत्रीय लेखपाल गांव पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और मदद का भरोसा दिलाया।