हंसवर। केवटला मठ विवाद के मामले में न्यायालय के आदेश के 16 दिन बाद मठ के महंत बाबा हरिशंकर दास के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना और ठगी समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।
मनीष दास की ओर से न्यायालय में दिए गए प्रार्थनापत्र के अनुसार केवटला मठ के महंत बाबा जंगी दास के बाद बाबा बैरागी दास और बाबा निहाल दास मठ की व्यवस्था संभालते थे। बाबा निहाल दास की वर्ष 2001 में मृत्यु के बाद आरोप है कि उनके चेले हरिशंकर दास ने फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज करा लिया।
इसके बाद राजस्व कर्मचारियों से मिलीभगत कर निहाल दास के नाम दर्ज करीब 22 बीघा जमीन अपने नाम खतौनी में दर्ज करा लेने का भी आरोप है। प्रार्थनापत्र में आरोप लगाया गया है कि हरिशंकर दास ने वर्ष 2003 में डढ़वा निवासी जोखू यादव, वर्ष 2007 में काजीपुर निवासी रमापति देवी और केवटला निवासी रामावती देवी तथा वर्ष 2010 में सैदपुर लड़ुवाडीह निवासी राम प्रताप को करीब सात-आठ बीघा जमीन बेच दी।
मठ की बेशकीमती लकड़ियां भी बिना अनुमति बेचकर रकम हड़पने का आरोप लगाया गया है। सीओ टांडा प्रदीप सिंह चंदेल ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर एफआईआर दर्ज कर जांच की जा रही है। आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।