अंबेडकरनगर। प्रोस्टेट और हर्निया के एक साथ ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत बिगड़ने और उपचार के दौरान मौत के मामले में न्यायालय के आदेश पर अकबरपुर के निजी अस्पताल के चिकित्सक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
मालीपुर थाना क्षेत्र के ताराकला निवासी शुभम दुबे ने आरोप लगाया कि उनके पिता रामसागर दुबे प्रोस्टेट और हर्निया की बीमारी से पीड़ित थे। उपचार के लिए नवंबर 2025 में उन्हें अकबरपुर के पटेलनगर स्थित अभिनंदन शोभावती हास्पिटल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि अस्पताल के एमएस लेप्रोस्कोपी सर्जन डॉ. विपिन वर्मा ने दोनों बीमारियों का एक साथ ऑपरेशन करने का भरोसा दिया था।
परिजनों के अनुसार ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत बिगड़ने लगी। हाथ-पैर ठंडे पड़ने और सांस लेने में परेशानी की जानकारी चिकित्सक को दी गई, लेकिन इसे सामान्य बताया गया। बाद में स्थिति गंभीर होने पर ऑक्सीजन लगाई गई। जांच में संक्रमण की पुष्टि के बाद मरीज को आजमगढ़ रेफर कर दिया गया। वहां चिकित्सक ने सेप्टीसीमिया की जानकारी देते हुए एक साथ ऑपरेशन किए जाने पर सवाल उठाए।
परिजनों के मुताबिक इसके बाद मरीज को लखनऊ के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मामले की शिकायत पुलिस और एसपी से करने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर परिजनों ने न्यायालय की शरण ली।
न्यायालय ने मुख्य चिकित्साधिकारी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए थे। अकबरपुर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक संतोष सिंह ने बताया कि चिकित्सक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।