लगातार बदलते मौसम से जिले के आलू व सरसों की खेती से जुड़े किसानों की चिंता बढने लगी है। दरअसल मौजूदा समय में आलू की फसल लगभग तैयार है, जबकि सरसों की फसल भी तैयार होने के करीब है। आलू की जहां छिटपुट तौर पर खुदाई शुरू हो गई है, वहीं सरसों में फली पडने लगी है।
आलू व सरसों की फसल अच्छी होने की संभावना से किसानों के चेहरे पर चमक आ गई थी। इस बीच बीते कुछ दिनों से मौसम में पल पल परिवर्तन हो रहा है। तीन दिन पहले जहां बूंदाबांदी हुई थी, वहीं शुक्रवार को तेज धूप निकलने के बाद शनिवार को एक बार फिर से आसमान में काले बादल उमडने घुमडने लगे थे।
बूंदाबांदी व बदली ने किसानों के चेहरे पर तनाव उत्पन्न कर दिया है। उन्हें आशंका है कि यदि तेज बारिश होती है, तो इसका प्रतिकूल प्रभाव आलू व सरसों की फसल पर पड़ेगा। शुक्रवार को जब मौसम साफ हुआ और तेज धूप निकली, तो उन्होंने राहत की सांस ली।
हालांकि शनिवार को जब फिर आसमान पर बादल छाए, तो किथसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरे साफ दिखनेड लगी थीं। रविवार को मौसम साफ हुआ, तो कुछ राहत मिली। मौसम में हो रहे बदलाव को देखते हुए अभी भी किसानों में चिंता व्याप्त है।
भीटी के किसान रामबख्श सिंह व जगन्नाथ ने कहा कि आलू की फसल जहां तैयार है, वहीं सरसों में भी फली आने लगी है। ऐसे में यदि हवा के साथ बारिश होती है, तो खेत में जलभराव होने के चलते आलू की फसल सड़ सकती है, तो सरसों की फसल के धराशायी होने की संभावना है।
इससे फली नष्ट हो जाएगी। अकबरपुर के किसान सुखराम व अंगद ने कहा कि यदि कुछ दिन और मौसम साफ रहता, तो आलू की खुदाई का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। बताया कि इस बार आलू की अच्छी फसल काफी अच्छी होने की उम्मीद है।