फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बारिश से खिले किसानों के चेहरे

Thu, 08 Sep 2016 12:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
विज्ञापन
सड़कों पर जलभराव से आवागमन में हुई परेशानी। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
दो दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश ने न सिर्फ किसानों के चेहरे पर चमक ला दी बल्कि उमस भरी भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों ने भी राहत की सांस ली। अमृत बनकर गिर रही बूंदों से खेतों में लहलहा रही फसलें देख मायूस हो चुके किसानों में एक नई उम्मीद का संचार हुआ है। उनका कहना है कि यदि इसी प्रकार समय-समय पर बारिश होती रहे तो इससे फसल अच्छी होगी।
विज्ञापन


उधर, जिला मुख्यालय पर जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने से लोगों को जगह-जगह जलभराव की समस्या से दो-चार होना पड़ा। गौरतलब है कि कुछ दिनों से पड़ी रही उमसभरी भीषण गर्मी से लोगों में त्राहि-त्राहि मच गई थी। तेज धूप की तपिश मई-जून की दोपहरिया की याद दिला रही थी। बढ़ती तपिश के बीच खेतों में खड़ी धान की फसल पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ना प्रारंभ हो गया था।

सुचारु सिंचाई न होने से न सिर्फ धान की फसल में दीमक लगने लगा था बल्कि झुलसा व खैरा रोग होने की भी आशंका बढ़ गई थी। इससे किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खिंचने लगी थीं। इस बीच मंगलवार दोपहर बाद हुई मूसलधार बारिश ने किसानों में एक नई उम्मीद जगा दी। खेतों में सूखने की कगार पर पहुंच चुकी फसलों में नई जान आ गई। बारिश का सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा।
विज्ञापन


दोपहर बाद से ही रुक-रुककर बारिश होती रही। हालांकि तेज बारिश तो नहीं हुई लेकिन गिर रही एक-एक बूंद फसलों के लिए अमृत साबित हो रही थीं। बारिश से लहलहा रही फसलों को देख किसानों के मुरझाए चेहरे चमक उठे। अकबरपुर के किसान महेश व राजेंद्र तथा नेवादा के संदीप ने कहा कि यदि इसी प्रकार से समय-समय पर बारिश होती रहे तो अच्छी फसल होने की संभावना है।

इस समय सिंचाई की अत्यंत आवश्यकता थी। भगवान ने उनकी सुन ली। उधर, बुधवार दूसरे दिन भी बारिश होने से आमजन को उमसभरी गर्मी से राहत मिली। हालांकि जिला मुख्यालय पर जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने से लोगों को जगह-जगह जलभराव की समस्या से दो-चार होना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें