श्रवणक्षेत्र। माता-पिता की भक्ति के प्रतीक श्रवण कुमार की तपोस्थली पर पांच दिवसीय मेले का शुभारंभ गुरुवार को अगहन पूर्णिमा स्नान के साथ होगा। प्रशासन की उदासीनता के चलते इस बार तमाम अव्यवस्थाएं हैं। ऐसे में यहां आने वाले श्रद्धालुओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। पूर्णिमा स्नान के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। मेला परिसर में बड़ी संख्या में कई तरह की दुकानें सज चुकी हैं।
श्रवण कुमार की तपोस्थली गुरुवार को एक बार फिर आस्था का गवाह बनेगी। प्रशासनिक उदासीनता के बीच मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेगे। श्रद्धालु यहां पहुंचकर मड़हा व बिसुही के संगम तट पर स्नान करेंगे, और श्रवण कुमार की प्रतिमा के समक्ष पूजन अर्चन करें। समाज के लोगों में इस स्थान को लेकर काफी आस्था है। यहां पर वर्ष भर में कई अवसरों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटती है।
इसमें अगहन पूर्णिमा का स्नान व मेला अहम है। गुरुवार को पूर्णिमा मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजन अर्चन के लिए पहुंचेंगे। मेला आयोजन से जुड़ी मंदिर की पुजारी बच्चीदास ने बताया कि प्रशासन द्वारा सुरक्षा के अलावा कोई व्यवस्था नहीं दी जाती। मंदिर की तरफ से ही जो होता है, वह श्रद्धालुओं के लिया किया जाता है। मेला परिसर की साफ सफाई पहले ही करा दी गई है। स्नान व पूजन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्घालु आएगें।
जिले अलावा सुल्तानपुर व अयोध्या जिले से भी श्रद्घालु मेले में पहुंचेंगे। श्रवणक्षेत्र में चलने वाले पांच दिवसीय मेले को लेकर व्यापारियों के साथ ही आम लोगों को भी इंतजार रहता है। ऐसे में गुरुवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। मेला परिसर दुकानों से सज चुका है। खाद्य सामग्रियों के साथ ही घरेलू उपयोगी सामानों की दुकानें पहुंच चुकी हैं।
युवाओं के मनोरंजन के लिए झूला, सर्कस व कई अन्य तरह के प्रतिष्ठान पहुंच चुके हैं। चिउटीपारा ग्राम पंचायत के प्रधान ओमप्रकाश गोस्वामी ने बताया कि श्रद्धालुओं के हितों को देखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। उधर, एसडीएम सदर अभिषेक पाठक ने कहा कि मेले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। आने वाले श्रद्धालुओं के हितों का पूरा ख्याल रखा जाएगा।