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परिवार में अविश्वास की बजाए चीजों को मिल बैठकर समझने पर दें जोर

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अंबेडकरनगर। पुलिस कार्यालय सभागार में रविवार को परिवार परामर्श केंद्र में पारिवारिक विवादों की काउंसलिंग हुई। इसमें कुल 25 मामले आए। इनमें से तीन का निस्तारण हुआ जबकि एक मामले में सुलह-समझौता के आधार पर पति-पत्नी साथ रहने को राजी हुए।
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दोनों को अधिकारियों ने परामर्श केंद्र से ही उनके घर रवाना किया। केंद्र पर आयी महिलाओं व पुरुषों को समझाया गया कि छोटे-छोटे विवादों को तूल देने के बजाय आपस में समझने तथा चीजों को सामान्य ढंग से लेने की आदत डाली जाए।
पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी के निर्देश पर रविवार को परिवार विवादों की काउंसलिंग की गई। इसमें कुल 25 मामले आए। मौके पर तीन प्रकरण का निस्तारण कराया गया जबकि एक मामले में एक जोड़े को सुलह-समझौता के आधार पर घर भेजा गया। उपजिलाधिकारी भूमिका यादव ने परामर्श केंद्र पहुंचे पुरुषों व महिलाओं को समझाया कि जीवन में आपसी सामंजस्य को बनाए रखें। इससे बड़ी सी बड़ी समस्या को हल किया जा सकता है।
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उन्होंने समझाया कि छोटी-छोटी बातों को तूल देने के बजाय उन्हें मिल बैठकर परिवार में समझना चाहिए। एक-दूसरे पर अविश्वास करने के बजाय किसी भी मुद्दे पर आपस में बैठकर बात करने पर कई बार गलतफहमियां दूर हो जाया करती हैं।
उपजिलाधिकारी गिरीश कुमार द्विवेदी ने परिवार परामर्श केंद्र की स्थापना के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। कहा कि गुस्से व तनाव में आकर कोई भी निर्णय नहीं लेना चाहिए। ऐसा प्रत्येक निर्णय न सिर्फ खुद के लिए बल्कि परिवार के लिए भी कई तरह की मुसीबत खड़ा करता है।
इस मौके पर प्रभारी निरीक्षक महिला सहायता प्रकोष्ठ संगीता सक्सेना, बीएन इंटर कॉलेज के प्राचार्य विपिन कुमार सिंह, महिला आरक्षी मंजू तिवारी, महिला आरक्षी रीता यादव समेत कई अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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