बसखारी में पूर्व सज्जादानशीन सैय्यद फखरुद्दीन की शवयात्रा में उमड़ी भीड़। -संवाद
बसखारी (अंबेडकरनगर)। विश्व प्रसिद्ध दरगाह किछौछा के सज्जादानशीन व मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के उपाध्यक्ष रहे सै. फखरुद्दीन अशरफ को शुक्रवार को हजारों नम आखों के बीच सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। आस्ताने आलिया परिसर में इस दौरान बड़ी संख्या में न सिर्फ देश बल्कि विदेशों से भी लोग मौजूद रहे।
महान सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ जहांगीर सिमनानी की दरगाह किछौछा के सज्जादानशीन व मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के उपाध्यक्ष रहे सै. फखरुद्दीन अशरफ को शुक्रवार की शाम आस्ताने आलिया परिसर में हजारों नम आखों के बीच सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। जनाजे की एक झलक पाने व मिट्टी देने के लिए लोगों में होड़ मची हुई थी। लोगों की आखें नम थीं। सभी की जुबान पर था कि जरूरतमंदों की मदद करने वाला अब इस दुनिया में नहीं रहा। इससे पहले शुक्रवार को विशेष नमाज के बाद बसखारी स्थित एक स्कूल के परिसर में सै. फखरुद्दीन की नमाजे जनाजा हुई। मौलाना जलालुद्दीन ने पहली नमाजे जनाजा पढ़ाई। इसमें बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। वैसे तो आमतौर पर एक नमाजे जनाजा पढ़ाई जाती है लेकिन अधिक भीड़ होने के चलते चार नमाजे जनाजा पढ़ाई गईं।
सै. मेराजुद्दीन अशरफ ने बताया कि नमाजे जनाजा में न सिर्फ देश बल्कि विदेश से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे। इसमें गणमान्य नागरिकों के साथ ही धर्मगुरू आदि मौजूद रहे। इस बीच शोक में दरगाह व आसपास की बाजारें भी बंद रहीं।