अंबेडकरनगर। आंगनबाड़ी व मिनी आंगनबाड़ी कर्मचारी व सहायिकाओं के पद पर तैनाती को लेकर बड़े फर्जीवाड़े का मामला प्रकाश में आया है। 29 जनवरी से इन पदों के लिए सैकड़ों युवतियों व महिलाओं ने बढ़-चढ़कर आवेदन भी कर दिए। इस बीच बीते दिन जब कुछ आवेदकों ने जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय पहुंचकर इस संबंध में जानकारी हासिल की तो उन्हें फर्जीवाड़े की जानकारी हो सकी। खुद को ठगे जाने की जानकारी होने के बाद अब आवेदकों ने मामले की शिकायत डीएम से करने की तैयारी शुरू कर दी है।
नौकरी के नाम पर जिले में फिर बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। जिला मुख्यालय स्थित एक स्टेशनरी की दुकान से गत जनवरी में एक फार्म की बिक्री प्रारंभ की गई। यह फार्म आंगनबाड़ी व मिनी आंगनबाड़ी पर कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं के पद पर तैनाती को लेकर था। 30 रुपये में मिलने वाले फार्म की खरीदारी युवतियों व महिलाओं की ओर से की जाने लगी। दुकानदार की ओर से फार्म खरीदने वालों को बताया गया कि आवेदन करने का समय 29 जनवरी से 14 मार्च तक है। ऐसे में फार्म भरकर या तो जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय में जमा कर दें या फिर दुकान पर ही दे दें। वह कार्यालय में जमा करा देगा। इस पर आवेदकों ने फार्म भरकर जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय न जाकर दुकान पर ही फार्म जमा कर दिए।
इस बीच बीते दिन कुछ आवेदक फार्म जमा करने के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय पहुंच गए। वहां उन्हें बताया गया कि इस प्रकार का कोई फार्म शासन से या फिर जिला कार्यालय से नहीं जारी किया गया है। यह भी बताया गया कि अभी शासनस्तर पर ही तैनाती को लेकर किसी भी प्रकार के दिशा निर्देश नहीं जारी किए गए हैं। यह जानकारी होते ही आवेदक खुद को ठगा सा महसूस करने लगे। अकबरपुर की रेनू यादव, संगीता, सरोज व प्रियंका ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि बीती 29 जनवरी से एक दुकान से लगातार फार्म की बिक्री होती रही, लेकिन जिम्मेदारों को इसकी जानकारी जिम्मेदारों को नहीं हो सकी। कहा कि अब वे इसकी शिकायत जिलाधिकारी से करेंगी।
नहीं जारी किया गया आवेदन
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका के लिए किसी भी प्रकार का आवेदन शासन स्तर पर नहीं जारी किया गया है। जो फार्म दुकान से लिया गया है, वह पूरी तरह फर्जी है। आवेदकों को चाहिए कि किसी भी प्रकार का फार्म भरने से पहले इसकी समुचित जानकारी शासन की वेबसाइट पर जाकर या फिर कार्यालय पहुंचकर जानकारी हासिल कर लें। इसके बाद भी फार्म भरें।
- दिनेश मिश्र, जिला कार्यक्रम अधिकारी