विधानसभा क्षेत्र आलापुर के चुनाव में गुरुवार को दिव्यांग व वृद्ध मतदाताओं ने भी अपना दम दिखाया। लोकतंत्र की मजबूती तय करने को वे भी मतदान केंद्रों पर पहुंचने से नहीं हिचके। कोई ठेले पर बैठकर बूथों तक पहुंचा तो कोई परिवारीजनों के सहारे से। मतदान के बाद ऐसे सभी लोगों के चेहरे पर सुकून का भाव साफ-साफ दिख रहा था।
भारतीय लोकतंत्र की मजबूती शायद कुछ ऐसे ही दृश्यों के चलते पूरी दुनिया में जानी जाती है। दरअसल गुरुवार सुबह जब आलापुर विधानसभा क्षेत्र में मतदान प्रक्रिया शुरू हुई तो इसमें भागीदारी के लिए बड़ी तादाद में दिव्यांगों व वृद्ध जन की भी भागीदारी सामने आयी।
यूं तो लगभग सभी चुनावों में ऐसे लोग अपनी भागीदारी तय करते आए हैं लेकिन इस बार चुनाव आयोग व प्रशासन द्वारा मत-प्रतिशत बढ़ाने के प्रयासों के चलते भी बड़ी तादाद में दिव्यांग व वृद्ध वोटर अपने-अपने मतदान केंद्रों तक पहुंचे। राजेसुल्तानपुर बूथ पर मिले दिव्यांग अखिलेश निषाद ने कहा कि जब हम अन्य सभी कार्य में भागीदारी करते हैं तो फिर मतदान से ही किनारा कसना कतई उचित नहीं है।
यहीं मिले मोहम्मद अकरम ने कहा कि मतदान हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है। इससे हम अपने पसंद का जनप्रतिनिधि चुनने में अपनी भागीदारी तय करते हैं। अन्नापुर मतदान केंद्र पर बीमार होने के बावजूद वोट देने पहुंची हुई थी लीलावती तो इसी केंद्र पर बुजुर्ग महिला विनीता व कंचन ने भी परिवार के साथ मताधिकार का प्रयोग किया। मसेना मिर्जापुर बूथ पर कमला के साथ मतदान करने पहुंची वृद्ध महिला मालती ने कहा कि वे दशकों से लगभग प्रत्येक चुनाव में मतदान करती आ रही हैं। इस चुनाव में भी मत देकर उन्होंने अपना कर्तव्य पूरा किया है।