अंबेडकरनगर। उत्तर प्रदेश संस्कृत शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त 34 विद्यालय संचालित हो रहे हैं, जिनमें 2141 बच्चों ने पूर्व मध्यमा से लेकर उत्तर मध्यमा तक की परीक्षा दी थी। इसे हाईस्कूल व इंटर के समकक्ष माना जाता है। हैरत की बात तो यह है कि इस बोर्ड की देखरेख का जिम्मा संभाल रहे माध्यमिक शिक्षा विभाग के पास परिणाम घोषित होने के 36 घंटे बाद भी हाईस्कूल की टॉपर लिस्ट तो दूर कितने बच्चे पास हुए और कितने फेल, इसका ब्योरा भी नहीं है। सिर्फ इंटर का परीक्षा परिणाम बामुश्किल दे पाए हैं।
उत्तर प्रदेश संस्कृत शिक्षा परिषद की बोर्ड की 10वीं व 12वीं का परीक्षा परिणाम बुधवार को घोषित कर दिया गया है। इन परीक्षाओं में जिले के 10 केंद्रों पर 34 विद्यालयों के 2141 विद्यार्थी शामिल हुए थे, लेकिन इनके परिणाम आने के तकरीबन 36 घंटे बीत चुके हैं। विभाग की लापरवाही कहें या उदासीनता इंटर के अलावा अभी तक विभाग के पास हाईस्कूल उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं का डाटा उपलब्ध नहीं है। कोई सचिव से बात करने के लिए बोल रहा तो कोई फोन नहीं उठा रहा है।
शिक्षा विभाग का ये ड्रामा लगातार दिन भर चलता रहा, लेकिन अंत में इंतजार के टोकन के बाद भी कोई विभाग का अधिकारी इसके बारे में कुछ जानकारी नहीं दे पा रहा है। ऐसी बदहाल स्थिति शिक्षा विभाग की सामने नजर आ रही है। जिम्मेदारों को किसी बात कोई चिंता ही नहीं है। इसके लिए जब लखनऊ सचिव शिवलाल से बात की गई तो उन्होंने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि डीआईओएस की ई मेल पर भेज दिया गया है। अब डीआईओएस के संस्कृत पटल सहायक शशिकांत का कहना है कि केवल इंटर का परिणाम मिला है। हाईस्कूल का नहीं मिला है। हर कोई एक दूसरे पर थोपने का प्रयास कर रहा है।