निर्वाचन कार्यों में लापरवाही बरतना जलालपुर नगर पालिका परिषद के अधिशाषी अधिकारी मंजूर अहमद को भारी पड़ा। उन पर निलंबन की तलवार लटक गई है। निर्वाचन से जुड़ी बैठकों से लगातार अनुपस्थित रहने को गंभीर मानते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने उनके निलंबन के लिए राज्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र भेज दिया है।
विभाग के प्रमुख सचिव को भी जिला प्रशासन की तरफ से पत्र भेजकर अधिशाषी अधिकारी के रवैये की जानकारी दी गई है। अपनी कार्य प्रणाली को लेकर पूर्व में भी चर्चित रहे नगर पालिका परिषद जलालपुर के अधिशाषी अधिकारी मंजूर अहमद को अब चुनाव से जुड़े कार्यों में मनमानी करना महंगा पड़ने जा रहा है।
हुआ यह कि निर्वाचन की तैयारियों से जुड़ी कई बैठकों में वे जिला मुख्यालय पर उपस्थित नहीं हुए थे। शनिवार को भी जब जिला निर्वाचन अधिकारी वैभव श्रीवास्तव अधिकारियों की बैठक ले रहे थे तो पता चला कि अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका परिषद मंजूर अहमद बैठक में मौजूद नहीं हैं। उन्होंने अपने स्थान पर एक कर्मचारी भेज दिया था।
डीएम ने उससे कई जानकारी लेनी चाही तो वह उसका जवाब नहीं दे सका। इस पर डीएम ने अधिशाषी अधिकारी की चुनाव से जुड़े मामलों में लापरवाही व मनमानी को लेकर कड़ी नाराजगी जाहिर की।
डीएम ने तत्काल निर्देश दिया कि चुनाव कार्यों में गतिरोध उत्पन्न करने तथा लापरवाही बरतने के चलते अधिशाषी अधिकारी के निलंबन की संस्तुति राज्य निर्वाचन आयोग को पत्र भेजकर की जाए। डीएम ने सभी अधिकारियों से सख्त लहजे में कहा कि चुनाव से जुड़े किसी भी कार्य में ऐसी किसी भी लापरवाही पर आगे भी सख्त एक्शन होगा।
आचार संहिता का उल्लंघन करने के मामले में भी अनदेखी की गई तो संबंधित अधिकारी को जिम्मेदार मानते हुए कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी। बाद में जिला निर्वाचन अधिकारी की तरफ से अधिशाषी अधिकारी के निलंबन की संस्तुति राज्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र भेजकर कर दी गई।
नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव को भी जिला निर्वाचन अधिकारी की तरफ से पत्र भेजकर प्रकरण की जानकारी दी गई ताकि विभागीय कार्रवाई भी तय हो सके। डीएम/जिला निर्वाचन अधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने बताया कि चुनाव कार्य में लापरवाही बरतने के चलते ही यह कार्रवाई की जा रही है। ऐसे कड़े निर्णय लिए जाएंगे तभी निर्वाचन कार्यों को बेहतर ढंग से निपटाया जा सकेगा।