दरवन झील में मोटरबोट सुविधा का शुभारंभ करते डीएम अविनाश सिंह व उनकी पत्नी रूबी सिंह। -संवाद
अंबेडकरनगर। दरवन झील को जिले की पहचान बनाने के लिए डीएम अविनाश कुमार सिंह का प्रयास रंग दिख रहा है। 10 दिन पहले श्रमदान के जरिए जहां झील की सफाई की गई वहीं शुक्रवार देरशाम डीएम ने पहुंचकर झील में पर्यटकों के लिए मोटरबोट सुविधा का शुभारंभ किया। अगले एक सप्ताह में यहां पर कैंटीन, हाईमास्ट लाइट के साथ ही अन्य जरूरी सुविधाएं हो जाएंगी। अयोध्या जनपद सीमा पर स्थित दरवन झील का क्षेत्रफल करीब 300 एकड़ में फैला है। इसकी पहचान आम लोगों के लिए सिर्फ एक झील के रूप में रही है। फसलों की सिंचाई के लिए पानी के प्रबंध, मछली पकड़ने व साइबेरियन पक्षियों के आने तक ही महत्व सीमित था। अब डीएम की सकारात्मक सोच से इस झील की पहचान बदलने लगी है। आने वाले समय में इसे लोग पर्यटक स्थल व पक्षी विहार के रूप में जानेंगे।
शुक्रवार देर शाम पत्नी रूबी सिंह के साथ दरवन पहुंचे डीएम ने दो मोटरबोट का शुभारंभ किया। साथ ही स्वयं मोटरबोट में बैठकर झील की सैर की। बतख व मछलियों को चारा डालने के साथ ही जनपदवासियों से प्रकृति के इस सुनहरे उपहार का आनंद उठाने का आह्वान किया। कहा कि आने वाले समय में दरवन झील न सिर्फ एक पर्यटक स्थल के रूप में जाना जाएगा बल्कि हजारों परिवारों के रोजगार का प्रबंध भी होगा।
जल्द मुहैया होंगी कई सुविधाएं
एसडीएम पवन जायसवाल ने बताया कि दरवन झील को सार्वजनिक निजी साझेदारी (पीपीपी मॉडल) पर विकसित किया जाएगा। जल्द ही यहां कैंटीन, हाईमास्ट लाइट व झील तक पहुंचने के लिए पिच मार्ग निर्माण सहित अन्य सुविधाओं को मुहैया कराने के लिए टेंडर प्रक्रिया अपनायी जाएगी। इसके लिए जरूरी तैयारियां तेजी से पूरी की जा रही हैं। अगले एक सप्ताह के अंदर यहां पर कई सुविधाएं मुहैया हो जाएंगी।