जलालपुर। मुख्यमंत्री से शिकायत के बाद शुक्रवार शाम जैनापुर गांव में सार्वजनिक चकमार्ग को कब्जामुक्त कराने पहुंची राजस्व और चकबंदी विभाग की टीम की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन ने चकमार्ग से कब्जा हटवा दिया, लेकिन दो ग्रामीणों ने धान की खड़ी फसल नष्ट होने का आरोप लगाया है।
गांव निवासी इंद्रजीत ने 25 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री से शिकायत कर चकमार्ग संख्या 624 और आबादी की भूमि संख्या 1073 पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया था। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस रास्ते से करीब 50 परिवारों का आवागमन होता है। आरोप था कि रवि पांडेय ने रास्ते और आबादी की भूमि पर कब्जा कर जाली लगा दी थी।
उच्च अधिकारियों के निर्देश पर नायब तहसीलदार उत्कर्ष सिंह के नेतृत्व में राजस्व और चकबंदी विभाग की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। टीम ने सार्वजनिक चकमार्ग को कब्जामुक्त करा दिया।
वहीं, ग्रामीण राजेंद्र प्रसाद और प्रभु दत्त ने आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान उनकी करीब तीन-तीन बिस्वा धान की खड़ी फसल नष्ट हो गई। दोनों का कहना है कि उन्होंने फसल काटने के लिए अधिकारियों से 15 दिन का समय मांगा था, लेकिन उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया गया। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है। नायब तहसीलदार उत्कर्ष सिंह ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई की गई है। मार्ग पर अवैध कब्जा कर फसल खड़ी की गई थी।