कलक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार पर्यावरण की बेहतरी के लिए खनन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की बैठक हुई। अपर जिलाधिकारी रामसूरत पांडेय की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में अधिकारियों व कर्मचारियों को पर्यावरण की मजबूती के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।
कहा कि ईंट भट्ठा, बालू खनन आदि के लिए परमिट देने के तौर तरीकों के बारे में भी बताया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यावरण की बेहतरी में खनन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
पर्यावरण पर ज्यादा प्रभाव ईंट भट्ठों, बालू खनन आदि के चलते होते हैं। ऐसे में कई बार देखा जाता है कि इन कार्यों का जो कानून है उसका उल्लंघन होता है। इसके चलते इसका सीधा असर पर्यावरण की गुणवत्ता पर पड़ता है।
अधिकारियों व कर्मचारियों को अपनी इस जिम्मेदारी के प्रति पूूरी गंभीरता से उत्तरदायी होना होगा। ईंट भट्ठे व बालू खनन आदि व्यवसाय से जुड़े लोगों को इन कार्यों के संचालन के कानूनी तौर तरीकों की जानकारी देनी होगी।
साथ ही उन्हें सुझाव देना होगा कि कानूनी दायर में रहकर ही अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाएं। यदि इसका उल्लंघन किया जाता है तो शासन द्वारा निर्धारित अर्थदंडों व विधिक कार्रवाईयों से अवगत कराएं।
जागरूकता से ही इसमें कमी आएगी, और पर्यावरण प्रदूषित होने से बचेगा। व्यवसायी को इन कार्यों के लिए किस तरह से अनुमति लेना है, और क्या क्या मानक पूरे करने हैं इसकी भी जानकारी देनी होगी। इस मौके पर खनन अधिकारी सहित विभाग के अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।