बसखारी (अंबेडकरनगर)। निलंबित ग्राम विकास अधिकारी व ग्राम पंचायत अधिकारी की बहाली न होने से नाराज ग्राम पंचायत एवं ग्राम विकास अधिकारी समन्वयक समिति के आह्वान पर शुक्रवार से बसखारी ब्लॉक में एक बार फिर कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर दिया।
प्रधान संघ के समर्थन से शुरू हुए इस आंदोलन में कर्मचारी बीडीओ कार्यालय के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए, जिससे विकासखंड के सभी कार्य प्रभावित रहे और जरूरतमंदों को वापस लौटना पड़ा। 23 अप्रैल को मकोईयां ग्राम पंचायत स्थित अस्थायी पशु आश्रय स्थल के निरीक्षण के दौरान सीडीओ आनंद शुक्ल को क्षमता से अधिक पशुओं की मौजूदगी और स्टॉक से अधिक पशु आहार मिलने पर ग्राम विकास अधिकारी दिनेश यादव को निलंबित कर दिया था। साथ ही ग्राम प्रधान नगमा खातून के विरुद्ध पंचायत एक्ट के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसके दो दिन बाद रामनगर विकासखंड के बुकिया में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी आनोद वर्मा को गलत रिपोर्ट देने के आरोप में निलंबित कर दिया गया। निलंबन के विरोध में समन्वयक समिति के आह्वान पर जिले के सभी विकासखंडों में कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया था।
समिति के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता में सीडीओ ने 15 दिन के भीतर निलंबित कर्मियों की बहाली का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कार्रवाई न होने से शुक्रवार को दोबारा हड़ताल शुरू कर दी गई। इस दौरान पंचायत सचिव रवि पटेल, सर्वेश मौर्य, शरदचंद, अशोक राजभर, इंद्रसेन, शशांक वर्मा आदि उपस्थित रहे।