अंबेडकरनगर। बिजली का संकट जिले में सुचारु धान खरीद में बड़ा रोड़ा बन रहा है। डीएम सैमुअल पॉल एन के कड़े निर्देश के बावजूद पावर कॉर्पोरेशन धान क्रय केंद्रों को सुचारु बिजली नहीं उपलब्ध करा रहा है। इससे धान खरीद की गति अत्यंत धीमी चल रही है। दरअसल बार-बार होने वाली बिजली कटौती के चलते इलेक्ट्रॉनिक डस्टर फैन न चल पाने से धान तौल का कार्य प्रभावित होता रहता है। इसी का नतीजा है कि कहीं किसान केंद्र पर 25 दिन से धान लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर अपना नंबर आने का इंतजार कर रहे हैं तो कहीं 15 दिन से। इससे समय बर्बाद होने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक चपत भी लग रही है। परेशान किसानों ने सुचारु बिजली उपलब्ध कराने की मांग करते हुए कहा कि बेपटरी हुई विद्युत आपूर्ति के चलते उन्हें उपज की बिक्री करने में समस्या हो रही है। जिम्मेदारों को इसे लेकर ठोस कदम उठाने चाहिए। कई जगह निजी मद से डीजल देकर किसानों को धान तौलवाने का प्रबंध करना पड़ रहा है।
किसानों को धान बेचने में किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए शासन की ओर से आए दिन जरूरी दिशा निर्देश जिम्मेदारों को दिए जाते हैं। जिला प्रशासन ने भी धान खरीद में तेजी लाए जाने के निर्देश जिम्मेदारों को दे रखे हैं। बीते दिनों जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन की सख्ती का ही नतीजा था कि धान खरीद ने गति पकड़ ली थी, लेकिन इन सबके बावजूद सुचारु धान खरीद में पावर कॉर्पोरेशन बड़ा रोड़ा बनकर सामने आया है। दरअसल धान क्रय केंद्रों को सुचारु बिजली न मिलने से इलेक्ट्रॉनिक डस्टर फैन के न चलने से धान तौल का कार्य प्रभावित हो रहा है।
अघोषित विद्युत कटौती के चलते सुचारु तौल नहीं हो पा रही है। नतीजा यह है कि कहीं किसान 25 दिन से तो कहीं 15 दिन से धान लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर अपना नंबर आने का इंतजार कर रहे हैं। केंद्रों पर जब धान तौल की जरूरत होती है तो अक्सर बिजली नदारद रहती है। ज्यादातर केंद्रों के पास जनरेटर का प्रबंध नहीं है। ऐसे में तौल के लिए बिजली आने का इंतजार करना पड़ता है। जहां पर जनरेटर है भी, उनमें से तमाम केंद्रों के लिए डीजल का प्रबंध न होने से किसानों को ही डीजल आदि का प्रबंध करना पड़ता है।
15 दिन पूर्व ही डीएम ने दिए थे निर्देश
धान खरीद में बदतर विद्युत आपूर्ति बन रही रोड़ा की लगातार मिल रही शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन ने लगभग 15 दिन पूर्व ही पावर कॉर्पोरेशन को पत्र भेजकर सुचारु विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। भेजे पत्र में निर्देशित किया था कि शाम 6 बजे तक क्रय केंद्रों को जरूर बिजली उपलब्ध कराई जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। जिलाधिकारी के तमाम दिशा निर्देश के बावजूद पावर कॉर्पोरेशन क्रय केंद्रों को सुचारु बिजली नहीं उपलब्ध करा रहा है।
किसान बोले, केंद्रों पर करना पड़ रहा लंबा इंतजार
रुकुनपुर कासिमपुर गांव के महेंद्र चौधरी ने कहा कि लगभग 20 दिन से धान लदी ट्रॉली अशरफपुर मजगवां स्थित क्रय केंद्र पर खड़ी है। खरीद कार्य की गति अत्यंत धीमी है। कारण यह है कि सुचारु बिजली नहीं मिल रही है। इससे तौल का कार्य प्रभावित होता है। शेखपुरा के हृदेश कुमार ने कहा कि क्रय केंद्र पर बिजली व्यवस्था पूरी तरह से बेपटरी है। आलम यह है कि एक दिन में दो या तीन किसानों का ही धान खरीदा जाता है। सुबह 10 बजे बिजली आती है, तो दोपहर 12 बजे कट जाती है। दोपहर एक बजे आती है, तो 2 बजे कट जाती है। इसके बाद 3 बजे बिजली आती है। उसरा निवासी प्रदीप ने कहा कि बेवाना फीडर से दोपहर बाद दो बजे बिजली कट जाती है। इसके बाद शाम 5 बजे आती है। इससे खरीद कार्य पूरी तरह से प्रभावित हो जाता है। अकबरपुर के सनी कुमार ने कहा कि लगभग 15 दिन से मंडी समिति क्रय केंद्र पर धान लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी है। खरीद का कार्य अत्यंत धीमा होने के चलते विभिन्न प्रकार की मुश्किलें खड़ी हो रही हैं। कहा कि उसका 140वां नंबर है। धीमा कार्य होने का मुख्य कारण सुचारु बिजली न मिलना है।
किए जा रहे जरूरी इंतजाम
किसानों को धान की बिक्री करने में किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए क्रय केंद्रों को शाम 6 बजे तक सुचारु बिजली उपलब्ध कराने का निर्देश लगभग 15 दिन पूर्व ही जिलाधिकारी एन ने पावर कॉर्पोरेशन को दिया था। इसके बाद भी क्रय केंद्रों को सुचारु बिजली नहीं मिल रही है। इससे कुछ समस्या उत्पन्न हो रही है। हालांकि किसानों को मुश्किल न होने पाए, इसके सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं।
-राजेश कुमार, खाद्य एवं विपणन अधिकारी