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बिजली सप्लाई बाधित, 60 हजार से अधिक आबादी प्रभावित

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अंबेडकरनगर। बारिश व तेज हवाओं ने जिले की बिजली आपूर्ति व्यवस्था छिन्न भिन्न कर दी है। 60 हजार से अधिक की आबादी 24 घंटे से बिजली आपूर्ति से वंचित है। इससे उपभोक्ताओं को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कहीं तार टूटने से आपूर्ति ठप है तो कहीं खंभों के गिरने से। करीब आधा दर्जन ट्रांसफार्मरों के जवाब दे जाने से भी समस्या काफी बढ़ गई है।
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बता दें कि जिले में तेज हवाओं के साथ बारिश व ओलावृष्टि होने से जहां जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, वहीं बिजली आपूर्ति व्यवस्था भी बेपटरी हो गई है। शहरी क्षेत्रों में जहां बारिश व तेज हवाओं के चलते विद्युत वितरण व्यवस्था पर आंशिक असर पड़ा, वहीं ग्रामीण क्षेत्र सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं। ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को विद्युत संकट से जूझना पड़ रहा है। एक तरफ जहां ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों का नुकसान होने से किसान परेशान हैं, वहीं विद्युत संकट ने उनकी मुश्किलें दोगुना कर रखी हैं।
कटेहरी प्रतिनिधि के अनुसार तेज आंधी व बारिश के बीच मिझौड़ा मार्ग स्थित मदनगढ़ व मडियांव गांव के बीच लगे पोल व तार तेज आंधी की चपेट में आकर एक दिन पहले धराशाई हो गए। इससे मठा, बरहा व डडवा सहित कई गांवों की लगभग पांच हजार आबादी की आपूर्ति ठप हो गई। इससे ग्रामीणों के समक्ष कई तरह की मुश्किलें उत्पन्न हो गई हैं। सबसे ज्यादा मुश्किल पेयजल को लेकर बनी हुई है। इसके साथ बिजली से होने वाले कई अन्य कार्य भी बड़े पैमाने पर प्रभावित हो रहे हैं। उपभोक्ता रामनयन, पीतांबर, अशोक, कुलदीप आदि का कहना है कि गड़बड़ी के तत्काल बाद ही मामले से पॉवर कार्पोरेशन के अधिकारियों को अवगत करा दिया गया था, लेकिन न तो स्थलीय निरीक्षण किया गया और न ही गड़बड़ी को दूर कराने का प्रयास।
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जलालपुर प्रतिनिधि के अनुसार बारिश व ओले के चलते मालीपुर, नेवादा, रफीगंज, कासिमपुर कर्बला व पट्टी आदि क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति पर कहर टूटा है। इन क्षेत्रों में जहां दो ट्रांसफार्मर जवाब दे गए, वहीं कई जगह खंभे व तार क्षतिग्रस्त हो गए। नतीजा यह कि 18 हजार से अधिक आबादी की विद्युत आपूर्ति बीते 24 घंटे से ठप पड़ी हुई है। उपभोक्ता संबंधित विद्युत उपकेंद्रों का चक्कर लगाने को विवश हैं। टांडा प्रतिनिधि के अनुसार केदारनगर, ऐनवा, इल्फिातगंज, हंसवर व सूरापुर के नजदीकी तीन दर्जन से अधिक गांवों में विद्युत आपूर्ति ठप है।
इनमें से ज्यादातर जगहों पर बीते 24 घंटे से बिजली नहीं है तो कुछ क्षेत्र ऐसे भी हैं, जहां विद्युत आपूर्ति ठप हुए दो दिन का समय बीत गया है। तहसील क्षेत्र में लगभग 25 हजार की आबादी विद्युत आपूर्ति से वंचित है। उधर भीटी व आलापुर तहसील प्रतिनिधियों के अनुसार अलग अलग क्षेत्रों में लगभग 15 हजार की आबादी विद्युत आपूर्ति से वंचित है। कई गांवों में विद्युत तार व खंभे टूटने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है। उपभोक्ताओं ने अभियंताओं के साथ ही लाइनमैनों को गड़बड़ी से अवगत करा दिया है।
तेज हवाओं व बारिश के कहर ने दिनचर्या के साथ ही लघु उद्योग धंधों पर भी प्रतिकूल असर डाला है। बिजली न मिलने से एक तरफ जहां पेयजल से जुड़ी मुश्किल हो रही है, वहीं तमाम क्षेत्रों में पूरी रात उपभोक्ताओं को अंधेरे में गुजारना पड़ रहा है। बेवाना क्षेत्र के उपभोक्ता संदीप ने कहा कि बिजली ठप होने की वजह से इन्वर्टर ने भी जवाब दे दिया। शुक्रवार की पूरी रात घर में अंधेरा कायम रहा। पानी की समस्या भी उत्पन्न हुई।
बसखारी के उपभोक्ता श्यामलाल का कहना था कि गांव में तार व खंभे टूटने के बावजूद पॉवर कार्पोरेशन का कोई कर्मचारी हालात जायजा लेने नहीं पहुंचा सका। इससे समस्या का समाधान जल्द ही होने की उम्मीद नहीं नजर आ रही। भीटी की उपभोक्ता पूनम व रमावती ने बताया कि गांव में 25 घंटे से अधिक समय से बिजली नहीं है। शुद्ध पेयजल के लिए सबमर्सिबल पंप लगाया था, लेकिन वह चल नहीं पा रहा है। बताया कि गेहूं पीसने के लिए भेजा गया था जो आटा चक्की न चल पाने की वजह से नहीं मिल पाया। कुछ इसी तरह के संकट का जिक्र अन्य उपभोक्ताओं ने भी किया।
तेज हवा व बारिश के चलते विभिन्न क्षेत्रों में आपूर्ति व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ा था। ज्यादातर क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल करा दी गई है। खंभों की उपलब्धता सुनिश्चित कराकर अन्य क्षेत्रों में भी जल्द ही आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
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एके दोहरे, अधीक्षण अभियंता विद्युत
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