अंबेडकरनगर। निजीकरण के विरोध में राष्ट्रीय आह्वान पर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में सोमवार से विद्युत अधिकारियों व कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। विद्युत उपकेंद्रों पर हक की आवाज बुलंद करते हुए अधिकारियों व कर्मचारियों ने कहा कि निजीकरण होने से न सिर्फ नौकरी खतरे में पड़ जाएगी, बल्कि बिजली महंगी होने से अतिरिक्त भार उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
ऐसा होने से भ्रष्टाचार भी बढ़ेगा। ऐसे में निजीकरण प्रक्रिया को वापस लिया जाए। चेतावनी दी गई कि जब तक उनकी समस्या का निस्तारण नहीं होता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। उधर हड़ताल के चलते सोमवार को बिजली बिल जमा करने व राजस्व की वसूली समेत कई अन्य प्रकार के कार्य पूरी तरह ठप रहे। इस बीच किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से निपटने के लिए विद्युत उपकेंद्रों पर राजस्वकर्मी व पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
अकबरपुर विद्युत उपकेंद्र पर समिति अध्यक्ष महेंद्र कुमार त्यागी के नेतृत्व में अधिकारियों व कर्मचारियों ने हक के लिए आवाज बुलंद की। महेंद्र ने कहा कि निजीकरण अधिकारियों, कर्मचारियों व उपभोक्ताओं के हित में कतई उचित नहीं है। निजीकरण होने से एक तरफ जहां कर्मचारियों की नौकरी खतरे में पड़ जाएगी, वहीं उनका भविष्य भी अंधकारमय हो सकता है।
इतना ही नहीं, पूंजीपतियों के हाथों में जाने से बिजली महंगी हो जाएगी, जिससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार लदेगा। इससे भ्रष्टाचार बढ़ेगा। कर्मचारियों व उपभोक्ताओं के हित को देखते हुए निजीकरण प्रक्रिया तत्काल वापस लिया जाए। चेतावनी दी गई कि जब तक उनकी मांगों का निस्तारण नहीं होता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। इस दौरान वीके पटेल, उपेंद्र पटेल, रंजीत कुमार, आनंद मौर्या, आशर्वाद, श्रीनाथ, आरपी पाठक, सज्जाद अहमद आदि मौजूद रहे।
महरुआ प्रतिनिधि के अनुसार महरुआ विद्युत उपकेंद्र पर जयरवींद्र पाल, परितोष, शिवराज वर्मा समेत अन्य विद्युत कर्मियों ने प्रदर्शन कर हक की आवाज बुलंद की। कहा कि निजीकरण कतई बर्दाश्त नहीं होगा। बसखारी प्रतिनिधि के अनुसार मकोइया उपकेंद्र पर कर्मचारियों की हड़ताल के चलते विभिन्न प्रकार के कार्य ठप रहे। आलापुर प्रतिनिधि के अनुसार कर्मचारियों ने हड़ताल कर हक की आवाज बुलंद की। इसके अलावा जलालपुर, टांडा, भीटी समेत जिले के सभी विद्युत उपकेंद्रों पर तैनात अधिकारी व कर्मचारियों ने हड़ताल कर प्रदर्शन किया। कहा गया कि जब तक निजीकरण प्रक्रिया वापस नहीं होती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
विद्युत अधिकारियों व कर्मचारियों की हड़ताल के चलते बिजली बिल जमा करने व राजस्व वसूली समेत कई अन्य प्रकार के कार्य पूरी तरह ठप रहे। उपकेंद्र में आने वाली किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को दुरुस्त करने करने के लिए संबंधित उपकेंद्रों पर राजस्व कर्मियों व पुलिसकर्मियों के साथ ही संविदा कर्मचारी तैनात रहे। इस बीच जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्र के निर्देश पर सभी एसडीएम व सीओ अपने अपने क्षेत्र में स्थित विद्युत उपकेंद्रों पर पहुंचकर हालात का जायजा लेते रहे।
एडीएम डा. पंकज कुमार वर्मा ने बताया कि उपभोक्ताओं के लिए सभी तहसील मुख्यालयों पर कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। यदि कहीं विद्युत आपूर्ति बाधित होती है, तो उपभोक्ता उस पर फोन कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उनकी समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। बताया कि हड़ताल के पहले दिन कहीं से किसी भी प्रकार की कोई बड़ी समस्या सामने नहीं आई।