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तेज हवा के साथ बारिश, विद्युत आपूर्ति ध्वस्त

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अंबेडकरनगर। बीते कई दिनों से जारी उमसभरी गर्मी के बीच बुधवार अपराह्न मौसम में अचानक बदलाव हुआ। जिले में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हुई। इस बीच तेज हवा के चलते कहीं जर्जर हो चुके तार तो कहीं बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। इससे संबंधित क्षेत्रों की करीब 50 हजार की आबादी बिजली से वंचित हो गई। संबंधित क्षेत्र के प्रभावित उपभोक्ताओं ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब तक जर्जर हो चुके उपकरणों को बदला नहीं जाएगा तब तक सुचारु आपूर्ति मिलने की उम्मीद नहीं है। उधर, घने बादलों के बावजूद कुछ इलाकों में तेज बारिश न होने से धान किसानों को मायूसी हुई। दरअसल, इस समय में फसल को सिंचाई की जरूरत है। बारिश की संभावना ने किसानों में उम्मीद जगाई, लेकिन वह पूरी नहीं हो सकी।
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बीते कुछ दिनों से निकल रही तेज धूप से लोग भीषण गर्मी से त्रस्त था। इस बीच बुधवार को दोपहर बाद से ही काले बादल उमडने घुमडने लगे थे। अपराह्न होते होते काले बादल बरस पड़े। तेज हवा के साथ ही बारिश का सिलसिला शुरू हुआ, लेकिन यह दौर अधिक देर तक नहीं जारी रह सका। जिले के कुछ ही क्षेत्रों में तेज बारिश हुई, जबकि ज्यादातर क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई। हालांकि जिले के जिन क्षेत्रों में तेज हवा चली, वहां कहीं जर्जर तार टूटकर गिर पड़े, तो कहीं विद्युत खंभे।
जलालपुर रफीगंज मार्ग, जलालपुर बसखारी मार्ग, बसखारी टांडा मार्ग, अकबरपुर मिझौड़ा मार्ग, महरुआ भीटी मार्ग के अलावा कई अन्य क्षेत्रों में तेज हवा चलने से पेड़ की डाल टूट गई, जिसकी चपेट में आने से जर्जर तार व विद्युत खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। नतीजा यह रहा कि संबंधित क्षेत्र की लगभग 50 हजार की आबादी बिजली से वंचित हो गई। और तो और जिला मुख्यालय के भी अलग अलग क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति इस दौरान प्रभावित हुई। जिला मुख्यालय पर तो गड़बड़ी दूर कर देर शाम तक विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई, लेकिन ज्यादातर प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में गड़बड़ी नहीं दूर की जा सकी। नतीजा यह रहा कि प्रभावित उपभोक्ताओं को विभिन्न प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उधर अधिशाषी अभियंता विद्युत वीके पटेल ने बताया कि कुछ क्षेत्रों में गड़बड़ी की जानकारी हुई थी, जिसे समय रहते दूर कर आपूर्ति बहाल कर दी गई।
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जिस प्रकार से बुधवार दोपहर बाद घने बादल उमड़ घुमड़ रहे थे, उसे देखते हुए किसानों में एक उम्मीद बंधी थी कि काफी देर बारिश होगी। हालांकि, ऐसा हुआ नहीं। बारिश काफी तेज हुई पर ज्यादा देर नहीं हुई। मौजूदा समय में धान की फसल को सिंचाई की सख्त जरूरत है। साधन संपन्न तो वैकल्पिक माध्यम से सिंचाई कर रहे हैं, लेकिन आर्थिक रूप से कमजार किसानों के समक्ष सिंचाई को लेकर विभिन्न प्रकार की मुश्किलें खड़ी हो रही है। भीटी के किसान रामदयाल व महरुआ के किसान दीनदयाल ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि मूसलधार बारिश की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। यदि मूसलधार बारिश आगे नहीं हुई, तो मजबूरन सिंचाई के लिए वैकल्पिक साधन की मदद लेनी पड़ेगी।
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