टांडा से सपा विधायक अजीमुलहक पहलवान ने बसखारी ब्लॉक में अपने गांव भूलेपुर से पत्नी मोनिशा खातून को प्रधान पद का उम्मीदवार बनाया था। मतों की गणना के बाद घोषित हुए नतीजे में उनकी पत्नी ने एकतरफा मुकाबले में जीत दर्ज की। उधर बसपा नेता व पूर्व एमएलसी अतहर खां की किस्मत ठीक नहीं रही।
उन्होंने अपनी पुत्रवधू उजमा खान को बसखारी ब्लॉक के ही जैनुद्दीनपुर गांव से प्रधान का चुनाव लड़वाया था। इसमें उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा। हालांकि अतहर खां ने इसमें मनमानी का आरोप लगाया है। उनके मुताबिक पहले हुई मतगणना में उजमा 23 मतों से जीती थीं, लेकिन बाद में कराई गई पुनर्मतगणना में उन्हें 2 मत से पराजित घोषित किया गया।
जहांगीरगंज ब्लॉक के जहांगीरगंज ग्राम पंचायत प्रधान का चुनाव लड़ रहीं सपा के पूर्व प्रदेश सचिव योगेंद्रनाथ त्रिपाठी की पुत्रवधू नीतू को भी हार का मुंह देखना पड़ा है। भियांव ब्लॉक के महुवल से सपा के जलालपुर विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष महेंद्र यादव ने ग्राम प्रधान पद पर जीत हासिल करने की सफलता पाई है।
इसी ब्लॉक के दुल्हूपुर ग्राम पंचायत प्रधान का चुनाव लड़ीं नेहा सिंह की पराजय हुई है। वे सपा के वरिष्ठ नेता व जिला पंचायत सदस्य विंध्याचल सिंह की पुत्रवधू हैं।
भीटी ब्लॉक में वरिष्ठ सपा नेता मलखान सिंह की प्रतिष्ठा दांव पर थी। उनके छोटे भाई अमरनाथ सिंह की पत्नी ऊषा सिंह चाचिकपुर ग्राम पंचायत प्रधान पद की प्रत्याशी थीं। उन्हें इस मुकाबले में जीत हासिल हुई है।
माफिया खान मुबारक ने जेल में रहते हुए ग्राम पंचायत हरसम्हार से अपनी पत्नी मुमताज खान को ग्राम प्रधान पद के लिए उतारा था। परिणाम सामने आया, तो जीत का सेहरा मुमताज के सिर बंधा। अकबरपुर ब्लॉक क्षेत्र में असौवापार मोहरई ग्राम पंचायत से सपा के वरिष्ठ नेता व दुग्ध विकास मंत्री राममूर्ति वर्मा के करीबी विधानचन्द्र चौधरी को ग्राम प्रधान चुने जाने की कामयाबी मिली है।