अंबेडकरनगर। जनपद न्यायालय में बनकर तैयार वैकल्पिक विवाद समाधान केंद्र (एडीआर) का शनिवार को जिले के प्रशासनिक न्यायाधीश व उच्च न्यायालय इलाहाबाद के न्यायमूर्ति राजेंद्र कुमार ने लोकार्पण किया। उन्होंने लोगों से अपील की कि आपसी सुलह-समझौते के जरिए विवादों के निपटारे पर जोर दें।
जनपद न्यायालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में न्यायमूर्ति ने कहा कि दोनों असहमत पक्षों को मुकदमेबाजी की प्रक्रिया से बचाने के लिए तेजी से प्रयास किया जा रहा है। एडीआर के तरीकों को न्यायालय और औपचारिक कानून प्रणाली का विकल्प घोषित किया गया है। यह विवादों को शीघ्रता और सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाने के लिए अपनाए जाने वाले तरीकों में से एक है।
न्यायमूर्ति ने उपस्थित पराविधिक स्वयंसेवकों से भी बातचीत कर आवश्यक दिशा निर्देश दिया। इस मौके पर जनपद न्यायाधीश पद्मनरायण मिश्र, प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय आदिल आफताब अहमद, स्थायी लोक अदालत अध्यक्ष चंद्रहास राम, डीएम अविनाश सिंह, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम विश्वनाथ, विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट रत्नेशमणि त्रिपाठी, बार एसोसिएशन अध्यक्ष शेरबहादुर यादव व मंत्री शेषनाथ त्रिपाठी सहित कई न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।