रावण का पुतला फूंक व घरों में घी के दीप जलाकर असत्य पर सत्य की जीत की परंपरा को मजबूत किया गया। सुरक्षा व शांति व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन जगह जगह मुस्तैद रहा।
विजयदशमी पर्व पर विभिन्न आयोजनों को लेकर जहां एक दिन पहले ही तैयारियां पूरी कर ली गई थीं, वहीं गुरुवार को सुबह होने के साथ ही युवाओं में खासा उत्साह दिखा। बच्चे जहां रावण युद्ध के मंचन देखने के लिए आतुर दिखे, वहीं रावण पुतला दहन का भी लोगों में बेसब्री से इंतजार था।
शाम के समय शहर व गांव में लोगों ने अपने घरों पर घी के दीप जलाए। मान्यता है कि इसी दिन राम ने रावण पर युद्घ के बाद विजय पायी थी, और उनका 14 वर्ष का वनवास भी इसी दिन पूरा हुआ था। दशमी के दिन ही भगवान राम ने रावण का समूल नाश किया था।
अकबरपुर नगर के शहजादपुर में बीते कई वर्षों से भव्य तरीके से मनाए जा रहे दशहरा पर्व को काफी उल्लास के साथ मनाया गया। राम रावण युद्ध का मंचन देखने के लिए शहर व ग्रामीण लोग बड़ी संख्या में पहुंचे। कुछ लोग रामा दल की तरफ से जयकारे लगा रहे थे, तो कुछ दशासनन की तरफ से।
काफी देर तक हुए मुकाबले के बाद राम रावण को परास्त करते हैं। रावण के जमीन पर गिरते ही भगवान श्रीराम के जयकारे गूंज उठे। लगभग 25 फिट लम्बे रावण को आग के हवाले कर दिया जाता है।
अकबरपुर नगर के इल्तिफातगंज रोड पर राम रावण युद्ध का मंचन किया गया। लोगों ने असत्य पर सत्य की जीत के रूप में मनाए जाने वाले इस पर्व को काफी गर्मजोशी से मनाया। ग्रामीण क्षेत्रों में भी विजयदशमी का पर्व पूरे उल्लास के साथ मना। टांडा, आलापुर, बसखारी, बेवाना, कटेहरी व भीटी आदि क्षेत्रों में विजय दशमी पर्व के मौके पर कई जगह मेले का आयोजन हुआ।