अंबेडकरनगर। जिले में बुधवार को पूरी आस्था व भक्ति के साथ विभिन्न घाटों पर मां दुर्गा की दो हजार से अधिक प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ। विसर्जन से पहले दुर्गा पूजा समिति पदाधिकारियों व श्रद्धालुओं ने भव्य शोभायात्रा निकाली। जगह-जगह अबीर-गुलाल उड़ाते व डीजे की धुन व देवी गीतों के बीच थिरकते श्रद्धालु लगातार आगे बढ़ रहे थे। पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर रखे थे। दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन कहीं नदियों में हुआ तो कई जगह पर नदी के किनारे बनाए गए विशेष गड्ढों में किया गया।
बुधवार अपराह्न होने के साथ ही अकबरपुर नगर के शहजादपुर पूर्वी नाका क्षेत्र में दुर्गा प्रतिमाएं ट्रैक्टर ट्राली पर रखकर पहुंचने लगीं। यहां एसडीएम अभिषेक पाठक, सीओ धर्मेन्द्र सचान, अकबरपुर नगर परिषद अध्यक्ष सरिता गुप्ता, भाजपा नेता मनोज गुप्त व केन्द्रीय दुर्गा पूजा समिति अध्यक्ष डब्लू गुप्त आदि ने विधि विधान से पूजन-अर्चन किया। इसके बाद शोभायात्रा विसर्जन स्थल की तरफ आगे बढ़ी।
दर्जनों ट्रैक्टर ट्राली पर रखकर 50 से अधिक दुर्गा प्रतिमाओं की शोभायात्रा शहजादपुर पूर्वी नाके से लोहिया चौक की तरफ बढ़ी। मां दुर्गा की झलक पाने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी। नगर के अलावा ग्रामीण क्षेत्र के भी श्रद्धालु जिला मुख्यालय पहुंचे। बड़ी संख्या में युवक युवतियों ने डांडिया नृत्य भी किया। मां दुर्गा का दर्शन करने के साथ ही डांडिया नृत्य का भी श्रद्धालुओं ने आनंद उठाया।
धीरे धीरे विसर्जन शोभायात्रा तमसा पुल होते हुए गायत्री मंदिर के पास तमसा नदी विसर्जन घाट की तरफ बढ़ी। अकबरपुर नगर परिषद प्रशासन ने कैंप लगाकर यहां श्रद्धालुओं का स्वागत किया। बाद में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच देररात विसर्जन का दौर शुरू हुआ।
आलापुर प्रतिनिधि के अनुसार तहसील क्षेत्र में मंगलवार व बुधवार को दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन सरयू नदी के विभिन्न घाटों पर हुुआ। प्रशासन की मुस्तैदी के चलते ही दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन नदी की बजाए नदी के किनारे तैयार गड्ढों में ही किया गया। विसर्जन शोभायात्रा में किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसके लिए एसडीएम भरतलाल सरोज, सीओ जगदीशलाल, तहसीलदार ज्ञानेन्द्र यादव, आलापुर, राजेसुल्तानपुर व जहांगीरगंज थानाध्यक्ष पुलिस टीम के साथ लगे रहे।
तहसीलदार ज्ञानेंद्र मौर्य ने बताया कि चहोड़ाघाट पर 300, बिड़हरघाट पर 60, कम्हरिया घाट पर 150 व चाड़ीपुर घाट पर 100 के करीब प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ है। एसडीएम व सीओ ने क्षेत्र में शांतिपूर्ण माहौल में शोभायात्रा निकालने व निर्देशों का प्रतिमा विसर्जन के लिए आभार प्रकट किया। देरशाम एएसपी अवनीश कुमार मिश्र ने भी क्षेत्र में पहुंचकर विसर्जन स्थल का जायजा लिया। जलालपुर तहसील क्षेत्र के अलग अलग क्षेत्रों में बड़ी संख्या में दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन भव्य शोभायात्रा के साथ हुआ।
बंदीपुर व अंगरा घाट पर करीब 214 प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ, जबकि बड़ेपुर पक्का पुल पर 137, मालीपुर में मझुई नदी के सुरहुरपुर घाट पर 155 दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन पूरी श्रद्घा व भक्ति के साथ हुआ। सम्मनपुर थाना क्षेत्र के सुल्तानगढ तमसा नदी में करीब 109 दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ। थानाध्यक्ष वकील सिंह यादव पुलिस टीम के साथ सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद रहे।
भीटी प्रतिनिधि के अनुसार तहसील क्षेत्र के विभिन्न घाटों पर कुल 160 प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। बुधवार को जहां बड़ी संख्या में प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ, वहीं मंगलवार को भी कई क्षेत्रों में दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा सीओ बीके श्रीवास्तव, तहसीलदार गौरव सिंह, एसओ भीअी मनीष कुमार सिंह सिपाहियों के साथ लगे रहे।
बसखारी बाजार में बुधवार को धूमधाम के साथ दुर्गा प्रतिमा विसर्जन शोभायात्रा निकला। ट्रैक्टर ट्रालियों पर दुर्गा प्रतिमाओं को रखकर श्रद्धालु विसर्जन स्थल की तरफ रवाना हुए। ढोल नगाड़ों के बीच निकली शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। तेंदुआ, कटारगढ़, किछौछा, गढ़ा फतेहपुर, मकोईया व मसड़ा सहित आदि क्षेत्रों की प्रतिमाएं विसर्जित हुईं।
शुकुलबाजार में स्थापित नवदुर्गा समिति के द्वारा मंगलवार दशमी के दिन जागरण का आयोजन हुआ। सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी एसओ दयाशंकर सिंह, एसआई प्रदीप सिंह, सिपाही आशुतोष तिवारी आदि ने निभाई। महरुआ में 92 प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ। जिले के टांडा, महरुआ, श्रवणक्षेत्र आदि क्षेत्रों में भी श्रद्धा के साथ दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ।